भोपाल- प्रयागराज मेला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद और गहराता जा रहा है। विपक्ष के साथ ही अब बीजेपी के भी कई नेता अपनी ही सरकार के खिलाफ उतर रहे हैं। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य होने का सबूत मांगना मर्यादाओं का उल्लंघन है।
भाजपा नेत्री उमा भारती ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, ‘मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है। यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों का और विद्वत परिषद का है।’
भाजपा नेत्री उमा भारती ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, ‘मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है। यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों का और विद्वत परिषद का है।’
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