सिक्किम-भारत में इनकम टैक्स को लेकर सरकार ने कई तरह के नियम बनाए हुए हैं. इनकम टैक्स रिटर्न के दायरे में आने वाले हर भारतीय नागरिक को टैक्स अदा करना होता है. लेकिन, एक राज्य ऐसा भी है जहां करोड़पति होने के बावजूद लोगों को 1 रुपये का भी टैक्स नहीं चुकाना पड़ता. सिक्किम भारत का एकमात्र राज्य है, जहां इनकम टैक्स नहीं लगता. फिर चाहे आपकी इनकम करोड़ों में ही क्यों न हो.
सिक्किम में 1948 में लागू किए गए एक पुराने कानून ‘सिक्किम इनकम टैक्स मैनुअल’ के तहत वहां के निवासियों को भारत सरकार द्वारा लगाए गए इनकम टैक्स एक्ट से बाहर रखा गया है. इस प्रावधान के तहत सिक्किम के स्थायी निवासी अपनी इनकम पर कोई टैक्स नहीं चुकाते, भले ही उनकी कमाई करोड़ों में क्यों न हो. सिर्फ सिक्किम डोमिसाइल यानी स्थायी निवासियों को ही ये बेनिफिट मिलती है. अन्य राज्यों से जाकर सिक्किम में बसने वाले लोगों को यह छूट नहीं मिलती. अगर कोई सिक्किम निवासी किसी अन्य राज्य में जाकर कमाई करता है, तो उस पर टैक्स लागू हो सकता है.
सिक्किम का मूल निवासी चाहे नौकरी करता हो या बिजनेस चलता हो या इनकम का कोई दूसरा सोर्स हो, उसे टैक्स नहीं भरना पड़ेगा.सिक्किम के मूल निवासियों को शेयर मार्केट से मिलने वाले डिविडेंड या बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स नहीं देना पड़ता है.
सिक्किम में इनकम टैक्स से छूट की वजह ऐतिहासिक और कानूनी है. 16 मई 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ. इसके बाद ये भारत का 22वां राज्य बना. सिक्किम में राजशाही का अंत हुआ और भारत का संविधान लागू किया गया. उस समय यहां के नागरिकों को विशेष संरक्षण दिया गया था. संविधान के अनुच्छेद 371F के तहत सिक्किम के लोगों को कई विशेष अधिकार मिले, जिनमें इनकम टैक्स से छूट भी शामिल है.
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