लेबनान- पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध अब सत्रहवें दिन में प्रवेश कर गया है. अमेरिका-इजरायल गठबंधन जहां ईरान पर बमबारी और मिसाइल हमले कर रहे हैं वहीं ईरान भी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से पलटवार कर रहा है.
इस बीच ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल कुछ स्थानों से पश्चिम एशिया में अरब देशों पर हमले कर रहे हैं. एक साक्षात्कार में सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान के हमले केवल अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बनाते हैं. ह उन हमलों के बदले में है जो इन साइट्स से शुरू किए गए थे. अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के शाहेद 136 ड्रोन के समान एक ड्रोन विकसित किया है जिसका नाम “लुकास” है. यह अरब देशों में लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए है.
युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने यह भी माना कि तेहरान अभी किसी समझौते पर पहुँचने के लिए तैयार नहीं है. लेकिन, ईरान के विदेश मंत्री ने इस बात से इनकार किया है कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत चल रही है.
ट्रंप ने ये भी कहा है कि अमेरिका दूसरे देशों से बात कर रहा है ताकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ की सुरक्षा की जा सके. डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि हम दूसरे देशों से बात कर रहे हैं कि वे स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए हमारे साथ मिलकर काम करें. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के पास अब बहुत कम मारक क्षमता बची है और उनकी मिसाइलों की संख्या घट रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि हमने उन जगहों पर हमला करना शुरू कर दिया है जहां वे ड्रोन बनाते हैं.
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