तेहरान-संयुक्त राष्ट्र परिषद की एक आपात बैठक में ऊर्जा ठिकानों पर हमले को लेकर चिंता जताई गई. इस बैठक में बहरीन के राजदूत जमाल अलरोवाई ने खाड़ी देशों में ईरान द्वारा किए गए हमलों की निंदा की. अलरोवाई ने कहा कि परिषद के कई सदस्यों ने ईरान से 11 मार्च के प्रस्ताव का पालन करने का आग्रह किया.
इस प्रस्ताव में नागरिक बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई थी.यह प्रस्ताव 13-0 से पारित हुआ. इसमें रूस और चीन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. इस प्रस्ताव में ईरान से उन सभी कार्रवाइयों को रोकने का भी आह्वान किया गया है जिनसे होर्मुज के जलमार्ग पर खतरा पैदा हो गया है.इस बीच अमेरिका ने ईरान के भीतर सात हजार से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं और अपने अभियानों को तेज कर दिया है. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा है कि संघर्ष आक्रामक चरण में प्रवेश कर चुका है और ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है. पीट हेगसेथ ने कहा है कि हम निर्णायक रूप से और अपनी शर्तों पर जीत रहे हैं.
पेंटागन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेगसेथ ने इस चिंता को भी खारिज कर दिया कि यह युद्ध लंबा खिंच सकता है. हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी बलों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले संघर्ष शुरू होने के बाद से 90 प्रतिशत कम हो गए हैं. इसी तरह ड्रोन हमलों में भी गिरावट देखी गई है. हेगसेथ ने कहा कि हम अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं और यह निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर करेगा कि ऑपरेशन कब समाप्त करना है.
अमेरिकी सेना की तरफ से बताया गया है कि अमेरिकी बल योजना के अनुसार काम कर रहे हैं और वह जमीन के नीचे बनी सुविधाओं समेत और भी अंदरूनी ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है.
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