नई दिल्ली-नीट-यूजी री-एग्जाम को पूरी तरह लीक-प्रूफ बनाने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार सेना से लेकर डाक विभाग तक को मैदान में उतारने का फैसला किया है. 21 जून को होने वाली इस परीक्षा की तैयारी करने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के पास महज 38 दिन ही हैं. 21 जून को देश के 550 शहरों के 5,400 से ज्यादा सेंटर्स पर नीट-यूजी का री-एग्जाम होने जा रहा है. आमतौर पर इस परीक्षा की तैयारी में कम से कम 6 महीने लगते हैं, लेकिन इस बार एनटीए इसे सिर्फ 38 दिनों के बेहद कम समय में पूरी तैयार कर रहा है. वहीं, इस परीक्षा को फूलप्रूफ बनाने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के घर हाई-लेवल मीटिंग आयोजित की गई. इस बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और एनटीए डीजी अभिषेक सिंह समेत सेना के आला अधिकारी और डाक विभाग के अफसर शामिल हुए.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार सिर्फ एनटीए ही नहीं, बल्कि पूरा सरकारी तंत्र मिलकर परीक्षा को सफल बनाने के महामिशन में जुटा हुआ है. थलसेना, वायुसेना, अर्धसैनिक बलों, राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों और डाक विभाग के संयुक्त सहयोग से सुरक्षा का एक अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया जा रहा है. मानसून के मौसम को देखते हुए सरकार इस बार एयरफोर्स (IAF) और थलसेना की लॉजिस्टिक्स मदद लेने पर विचार कर रही है. 21 जून तक देश में मानसून आ चुका होगा, जिससे संवेदनशील परीक्षा केंद्रों और दूरदराज के इलाकों तक समय से एग्जाम मटेरियल पहुंचाने के लिए सैन्य विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है.जून के महीने में देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो जाता है, जिससे असम और बिहार जैसे राज्यों में भारी बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है. ऐसी कठिन परिस्थितियों में साधारण रास्तों से पेपर पहुंचाना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए वायुसेना का एयर सपोर्ट बेहद जरूरी माना जा रहा है.
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