तेहरान-मिडिल ईस्ट के समुद्री क्षेत्र में महज चार दिनों के भीतर भारतीय क्रू वाले 3 व्यावसायिक जहाजों पर हमले होने से चिंता बढ़ गई है। बीते 8 से 11 जून के बीच मैरीवेक्स, एमटी सेत्तेबेल्लो और एमटी जलवीर को निशाना बनाया गया। इन घटनाओं में एमटी सेत्तेबेल्लो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। जबकि, अन्य सभी भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। लगातार तीसरे हमले के बाद भारत ने अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है और जहाजों पर हो रही कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग की है।
शिपिंग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल के अनुसार, सबसे पहले 8 जून को मैरीवेक्स पर हमला हुआ था। हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि उस पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके दो दिन बाद 10 जून को एमटी सेत्तेबेल्लो पर हमला हुआ। उस समय जहाज पर 24 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। इस घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। जबकि, 21 अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया। शुरुआत में मृतक नाविक लापता बताए गए थे लेकिन बाद में उनकी मौत की पुष्टि हुई।
dharmpath.com dharmpath