नई दिल्ली-भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर नई जानकारी सामने आई है. भारत सरकार ने मंगलवार (11 अगस्त) को साफ किया कि ढाका की तरफ से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध की जांच तय प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है. हालांकि, इस मामले में अभी किसी अंतिम फैसले की घोषणा नहीं की गई है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारत इस मुद्दे को स्थापित प्रक्रियाओं के तहत देख रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि जब इस मामले में कोई नया अपडेट होगा, तो उसकी जानकारी दी जाएगी. भारत के इस बयान के बाद फिलहाल गेंद नई दिल्ली के पाले में मानी जा रही है.
78 वर्षीय शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए बड़े राजनीतिक उथल-पुथल के बाद देश छोड़कर भारत आ गई थीं. उस समय उनकी सरकार के खिलाफ छात्र आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया था और आखिरकार उनकी सरकार सत्ता से बाहर हो गई. इसके बाद से ही हसीना भारत रह रही हैं. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और बाद में वहां की नई राजनीतिक व्यवस्था की तरफ से लगातार उनकी वापसी की मांग उठ रही है. ढाका का दावा है कि 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई से जुड़े मामलों में हसीना की भूमिका की जांच और कानूनी कार्रवाई जरूरी है.
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