मऊगंज-मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल जल योजनाओं में करोड़ों रुपये के भुगतान के बावजूद निर्माण कार्य अधूरे मिलने और गुणवत्ता पर सवाल उठने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने FIR दर्ज की है। जांच में सामने आया है कि नईगढ़ी विकासखंड के अलग-अलग गांवों में योजना के लिए निर्धारित काम पूरा होने से पहले ही करीब 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये का भुगतान कर दिया गया। कई स्थानों पर पानी की टंकी, पाइपलाइन, पंप और घरेलू नल कनेक्शन से जुड़े काम अधूरे मिले हैं। जबकि, कुछ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी जांच के घेरे में है।
यह मामला साल 2021-22 में शुरू हुई उन नल-जल योजनाओं से जुड़ा है। इनका उद्देश्य गांवों में पानी की टंकियां बनाकर पाइपलाइन के जरिए घर-घर जल पहुंचाना था। योजना के तहत ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन, पंप हाउस, सबमर्सिबल मोटर, घरेलू नल कनेक्शन और अन्य जरूरी निर्माण कार्य किए जाने थे। निर्धारित समयसीमा के अनुसार, काम करीब नौ महीने में पूरा किया जाना था लेकिन जांच में करीब पांच साल बाद भी कई परियोजनाएं अधूरी पाई गईं और संबंधित गांवों में जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
जांच के दौरान खटखरी गांव में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई। वहां बनाई गई पानी की टंकी पहली बार पानी भरने के दौरान ही ढह गई। वहीं, कई अन्य गांवों में मुख्य पाइपलाइन तो बिछाई गई थी लेकिन वह आबादी या गांव के बाहरी हिस्से तक ही सीमित रह गई। साथ ही घरों में नल की फिटिंग और सर्कुलर स्टैंड पोस्ट जैसे जरूरी काम भी कई स्थानों पर नहीं मिले।मामले में EOW ने तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जे.पी. द्विवेदी, सहायक यंत्री संजय पाण्डेय, उपयंत्री ए.पी. तिवारी और ठेकेदार शिवेंद्र कुमार तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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