नई दिल्ली-वोट चोरी और SIR को लेकर दिल्ली में कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई CWC की बैठक हो रही है। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार सरकार की कठपुतली बन गए हैं। खड़गे ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। साथ ही कहा कि पीएम मोदी को भी खुद नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में खड़गे ने कहा कि पूरा देश अब जानता है कि CEC का उद्देश्य भाजपा को लाभ पहुंचाना है। आज फिर से कांग्रेस के कंधों पर अंग्रेजी राज की तरह ही भारत के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की ऐतिहासिक जिम्मेवारी खड़ी है। अंग्रेजों से हमने वोट का हक छीनकर लिया था। आज उसी हक को बचाने के लिए फिर लड़ना पड़ रहा है। हमारे पुरखों ने जिस मजबूत लोकतंत्र की नीव अपने त्याग और बलिदानों से रखी थी, लोकतंत्र की उस नींव को मोदी सरकार ने 12 वर्षों में षड्यंत्रकारी तरीके से खोखला कर दिया है।
खड़गे ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और बाबा साहेब जानते थे कि बिना लोकतांत्रिक हिस्सेदारी के गरीब और वंचित लोगों की कोई सुनवाई नहीं होगी। इसीलिए उन्होंने भारत के हर adult citizen को वोट का अधिकार देने की ज़बर्दस्त पैरवी की थी। संविधान सभा में हुई बहस में डा. अंबेडकर ने मताधिकार को लोकतंत्र की सर्वाधिक मौलिक चीज कहा था। लेकिन आज इसका उलटा हो रहा है। रक्षक ही भक्षक बन गया है। संविधान ने जिसे पूरी ताक़त दी, जनता के वोट का चौकीदार बनाया, वही वोटों का लुटेरा बन बैठा है। जिस मुख्य चुनाव आयुक्त पर उसके अपने साथी भरोसा न करें, उस पर देश कैसे भरोसा कर सकता है?
खड़गे ने कहा कि दिसम्बर 1988 में इसी देश के प्रधानमंत्री स्व० राजीव गाँधी जी ने युवाओं को अधिकार दिलाने के लिए मताधिकार की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 कर दिया था और एक प्रधानमंत्री मोदी जी हैं जो GenZ से इतना नाराज़ हैं कि उन्होंने साज़िशन युवाओं को मताधिकार से बेदखल करने की योजना बना डाली। चुपचाप Form 6 के नियमों में बदलाव करवा दिया। यह पूरी तरह से ग़ैरक़ानूनी है। नौकरी तो दी नहीं, अब वोट का अधिकार भी नहीं देना चाहते हैं। नौजवान सवाल पूछेगा, उखाड़ फेंकेगा, इसका डर मन में बैठ गया है। मोदी शाह जैसे लोग चाहे जितने भी षड्यंत्र कर लें, कांग्रेस उन्हें सफल नहीं होने देगी। ये लोकतंत्र, ये वोट का हक, ये हमारी विरासत है, जो खून पसीने से सींची है। कोई तानाशाह उसे बर्बाद कर दे, ये हम होने नहीं देंगे।
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