मेलबर्न, 21 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एवं दिग्गज स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले ने शनिवार को कहा कि भारतीय टीम के मौजूदा स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन उन्हें अपनी याद दिलाते हैं। कुंबले ने साथ ही अश्विन को विदेशी धरती पर अधिक से अधिक गेंदबाजी का मौका दिए जाने की जरूरत पर बल दिया।
कुंबले ने आईसीसी विश्व कप-2015 में भारत के दूसरे मैच से ठीक पहले शनिवार को कहा, “अश्विन जिस तरह गेंदबाजी और बल्लेबाजी करते हैं, मुझे कई बार उनमें अपनी छवि दिखाई देती है।”
आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने के अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कुंबले ने शनिवार को कहा, “वह (अश्विन) मुझसे अच्छा बल्लेबाज, यह तो तय है। मैं उसमें वह साहत देख सकता हूं, वह दृढ़ संकल्प देख सकता हूं, मैं देख सकता हूं कि वह मैदान में जुझारू बना रहता है और टीम के लिए कुछ करना चाहता है, कुल मिलाकर उसमें मुझे अपनी छवि दिखाई देती है।”
भारतीय टीम रविवार को मेलबर्न क्रिकेट मैदान (एमसीजी) पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप-2015 का अपना दूसरा मैच खेलेगी। इसी दिन कुम्बले को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया जाएगा।
कुंबले ने कहा, “मेरे खयाल से वह एक शानदार क्रिकेटर हैं, और बहुत कम समय में उन्होंने बहुत कुछ हासिल कर लिया है। मेरी ही तरह अश्विन पर भी विदेशी धरती पर विकेट न ले पाने का सवाल उठता रहा है। लेकिन वह विदेशी धरती पर जितना खेलेगा उतना ही परिपक्व होता जाएगा।”
दिसंबर, 2013 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहांसबर्ग में हुए टेस्ट मैच में एक भी विकेट न लेने के कारण उसके बाद से एशिया के बाहर भारतीय टीम में एकमात्र स्पिन गेंदबाज की भूमिका के लिए अश्विन पर रवींद्र जडेजा को तरजीह दी जाती रही है।
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