तेहरान, 25 फरवरी (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुधवार को कहा कि तेहरान के परमाणु मुद्दे पर ईरान तथा विश्व शक्तियों के बीच परमाणु वार्ता का परिणाम देश के खिलाफ दमनकारी तथा अवैध प्रतिबंधों का खात्मा होना चाहिए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने रूहानी के हवाले से कहा, “समझौते में दूसरे पक्ष को यह जानने की जरूरत है कि वार्ता अब खत्म होनी चाहिए और इसका परिणाम देश के खिलाफ दमनकारी व अवैध प्रतिबंधों का खात्मा होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध मानवाधिकारों के खिलाफ हैं, इसलिए जो लोग ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लगाते हैं वे आज ज्यादा अलग-थलग हैं।
रूहानी ने कहा कि ईरान पी 5 प्लस वन समूह (ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस, अमेरिका और जर्मनी) के साथ समझौते में किसी भी तरह के दंड या प्रतिबंध को स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा, “तर्क के आधार पर हम वार्ता को जारी रखेंगे। वार्ता पक्ष को यह बेहतर तरीके से जान लेना चाहिए कि ईरान अपनी वैज्ञानिक प्रगति को कभी शिथिल नहीं पड़ने देगा।”
उल्लेखनीय है कि पश्चिमी शक्तियों ने ईरान पर यह कहकर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं कि वह असैनिक परमाणु योजना की आड़ में परमाणु बम का विकास कर रहा है। ईरान ने हालांकि आरोपों को निराधार बताते हुए उसे खारिज किया है और इस बात पर जोर दिया कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है।
ईरान तथा पी 5 प्लस वन समूह के प्रतिनिधियों ने वर्तमान दौर की वार्ता को सोमवार को जेनेवा में समाप्त किया है।
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