नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि वह सरकारी खरीद में गलत कामों की जांच के लिए खरीद कानून लाने के पक्ष में हैं।
वित्त वर्ष 2015-16 के लिए बजट पेश करते समय लोकसभा में अरुण जेटली ने कहा, “मेरा मानना है कि संसद को जल्द ही इस बात पर फैसला लेना चाहिए कि हमें खरीद कानून की जरूरत है अथवा नहीं और अगर ऐसा है तो इसका स्वरूप कैसा होना चाहिए।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार घोटाले और भ्रष्टाचार जैसी चीजों को पीछे छोड़ आई है। उन्होंने 1985 में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून पर संयुक्त राष्ट्र आयोग द्वारा अपनाए गए अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्तता कानून के अनुरूप एक संस्थागत ढांचे के निर्माण का समर्थन किया है।
सार्वजनिक अनुबंधों में विवाद को हल करना एक लंबी और महंगी प्रक्रिया है इसी को देखते हुए सरकार का संस्थागत व्यवस्था को कारगर बनाने के लिए सार्वजनिक अनुबंध विधेयक (विवादों के समाधान) पेश करने का प्रस्ताव है।
जेटली ने कहा, “बुनियादी सुविधाओं के विभिन्न क्षेत्रों के भीतर नियामक व्यवस्था में सामान्य दृष्टिकोण की कमी से निपटने के लिए की जरूरत है।”
सरकार ने बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्रों में दृष्टिकोण में अकाट्यता लाने के लिए एक विनियामक सुधार पेश करने का भी प्रस्ताव किया है।
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