नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। स्वास्थ्य सचिव की ओर से सरकारी अस्पतालों में रेजीडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा स्थितियों में सुधार किए जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने रविवार को एक पखवाड़े तक चलने वाली अपनी हड़ताल टालने का फैसला किया।
फोर्डा के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने कहा, “हमने 15 मार्च तक चलने वाली हमारी हड़ताल स्थगित करने का फैसला किया है। हमें अगले सप्ताह से उचित सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन मिला है। अगर हमारी मांग पूरी नहीं होती है तो हम 16 मार्च से हड़ताल पर चले जाएंगे।”
फोर्डा दिल्ली के 25 सरकारी अस्पतालों का एक संघ है।
12 फरवरी को भेजे गए अपने पत्र में फोर्डा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा से मुद्दों का तुरंत समाधान करने का आग्रह किया था। संघ की मांगों में शहर के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी मांग भी शामिल थी।
फोर्डा ने कहा था कि यदि उनकी मांग 28 फरवरी से पहले पूरी नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे और क्लीनकल काम नहीं करेंगे।
यह पत्र गुरु तेग बहादुर अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल में रोगियों के रिश्तेदारों द्वारा रेजीडेंट डॉक्टर पर हमला किए जाने की चार घटनाएं होने के बाद जारी किया गया था।
रेजीडेंट डॉक्टरों ने यह भी दावा किया था कि अस्पतालों में पाकेटमार और चोर जहां-तहां घूमते रहते हैं और रोगियों का सामान और नगदी चुरा लेते हैं।
सिंह ने कहा कि वह और संघ के अन्य सदस्य अन्य राज्यों के सरकारी अस्पतालों को संघ का सदस्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि संगठन का आधार मजबूत बन जाए और उनकी मांगें अधूरी नहीं रह जाएं।
सिंह ने कहा, “सभी अस्पतालों में आपरेशन थिएटरों की संख्या भी बढ़ानी होगी क्योंकि रोगियों को सर्जरी प्रक्रिया के लिए लंबा इंतजार करना होता है।”
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