बंगाल : पार्क स्ट्रीट दुष्कर्म पीड़िता की इंसेफेलाइटिस से मौत (लीड-1)

कोलकाता, 13 मार्च (आईएएनएस)। कोलकाता में तीन साल पहले एक चलती कार में दुष्कर्म का शिकार हुई पार्क स्ट्रीट निवासी महिला की शुक्रवार को इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई। महिला के अधिवक्ता ने बताया कि उसके कई अंग निष्क्रिय हो गए थे।

महिला के अधिवक्ता ए. गुहा ठाकुरता ने बताया, “उसे कुछ दिन पहले भर्ती कराया गया था। उसका इंसेफेलाइटिस का उपचार चल रहा था। उसके कई अंग निष्क्रिय हो चुके थे। आज (शुक्रवार) सुबह उसकी मौत हो गई।”

फरवरी 2012 में पार्क स्ट्रीट के एक नाइट क्लब से बाहर आते समय बंदूक के दम पर उसे चलती कार में खींच लिया गया था और दुष्कर्म करने के बाद उसे बाहर फेंक दिया गया था। 40 वर्षीया पीड़िता एंग्लो-इंडियन थी। उसकी दो बेटियां हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को ‘मनगढ़ंत’ करार दिया था, जिसके बाद वह विवादों में घिर गई थीं।

हालांकि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस वारदात में शामिल अधिकांश आरोपियों गिरफ्तार कर लिया था।

अदालत ने पांच लोगों को दोषी ठहराया था, जिनमें से केवल तीन जेल में हैं। मुख्य आरोपी सहित दो अभियुक्त अभी भी फरार हैं।

वकील ने कहा कि पीड़िता की मौत से मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

ठाकुरता ने कहा, “इस मामले में उसका बयान पूरा हो चुका है। अदालत में उससे जिरह हो चुकी थी। उसकी दुखद मौत से मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह उस समय हमें छोड़ कर चली गई जब न्याय मिलने वाला था।”

तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने भी पीड़िता के चरित्र पर उंगली उठाते हुए कहा था कि यह एक यौन सौदा था जो गलत हो गया।

पश्चिम बंगाल मनवाधिकार आयोग द्वारा हस्तक्षेप करने के बाद काकोली ने माफी मांगी थी।

पीड़ित महिला ने वर्ष 2013 में अपनी पहचान जाहिर की थी और राज्य में लगातार हो रहे दुष्कर्मो के खिलाफ कोलकाता की सड़कों पर रैलियां निकाली थीं।

नागरिक समाज और महिला कार्यकार्ताओं ने पीड़िता के अदम्य साहस की सराहना की।

कार्यकार्ता बोलन गांगुली ने कहा, “उनका अचानक निधन दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उन्हें उनके अदम्य साहस के लिए हमेशा याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा मामले को मनगढ़ंत करार देने के बाद भी उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी थी।”

पश्चिम बंगाल महिला आयोग की अध्यक्ष सुनंदा मुखर्जी ने कहा, “वह अब जीवित नहीं हैं, लेकिन समाज के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगी।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493