संयुक्त राष्ट्र, 17 मार्च (आईएएनएस)। अफगानिस्तान को अस्थिर करने के लिए आतंकवादी संगठनों को समर्थन करनेवालों को भारत ने जमकर फटकार लगाई है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इन ताकतों से खतरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की अपील की।
संयुक्त राष्ट्र, 17 मार्च (आईएएनएस)। अफगानिस्तान को अस्थिर करने के लिए आतंकवादी संगठनों को समर्थन करनेवालों को भारत ने जमकर फटकार लगाई है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इन ताकतों से खतरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की अपील की।
अफगानिस्तान की सहायता पर सुरक्षा परिषद की एक चर्चा के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक कुमार मुखर्जी ने कहा, “अफगानिस्तान में आतंकवाद है न कि कबीलाई मतभेद या जातीय प्रतिद्वंद्विता, जो इसकी असुरक्षा व अस्थिरता का मुख्य स्रोत है।”
उन्होंने कहा, “संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने पिछले महीने सुरक्षा परिषद को अफगानिस्तान तथा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारत के विचारों से अवगत कराया था।”
मुखर्जी ने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन बल तथा अफगान नेशनल सिक्योरिटी फोर्स (एएनएसएफ) के सैनिकों के प्रयासों के बावजूद लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी समूह वहां सक्रिय हैं। इस बात में कोई शक नहीं कि अफगानिस्तान की सीमा से बाहर से मिल रहे समर्थन के बिना वह अपनी गतिविधियां नहीं चला सकते।”
आतंकवादी समूह लाहौर का है और इसका प्रशिक्षण शिविर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में है, जिसे अमेरिका के विदेश विभाग ने भी स्वीकार किया है।
मुखर्जी ने कहा, “रिपोर्ट में इस बात का संकेत मिलता है कि ये समूह और ज्यादा खतरनाक हो रहे हैं, इसलिए सुरक्षा परिषद को तत्काल इनके खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है।”
हिंसा की बढ़ रही घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “साल 2014 में आतंकवाद के 22,051 मामले दर्ज किए गए थे। साल 2013 की तुलना में इसमें 10 फीसदी की वृद्धि हुई है। साल 2011 के बाद साल 2014 में सर्वाधिक आतंकवादी मामले सामने आए हैं।”
वहीं, पाकिस्तान की नवनियुक्त स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोदी ने इस बात पर जोर दिया कि उनके देश के सैन्य अभियान में बिना भेद किए सभी आतंकवादी समूहों को निशाना बनाया गया है।
बैन की रिपोर्ट के मुताबिक, काबुल में हुए त्रिपक्षीय रणनीतिक वार्ता के दौरान तीनों देशों ने क्षेत्र में शांति व सुरक्षा की स्थितियों पर चर्चा की। साथ ही आतंकवादी के खिलाफ त्रिपक्षीय सहयोग को गहरा करने तथा सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।
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