नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। काले धन पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित काला धन रोधी विधेयक के तहत जेनेवा की एचएसबीसी बैंक में कथित तौर पर 1,200 खाताधारकों तथा वैसे लोग जिनके खिलाफ आयकर अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है, उन्हें एमनेस्टी का लाभ नहीं मिलेगा।
विदेशी आय व संपत्ति (नया कर) विधेयक, 2015 में शामिल एमनेस्टी स्कीम के सेक्शन 71 के प्रावधान उनपर लागू नहीं होंगे, जिन्होंने एचएसबीसी बैंक में अवैध तौर पर खाता खोल रखा है।
विधेयक का यह अध्याय उनपर लागू नहीं होगा :
– आयकर अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में नोटिस पाए लोग
– तलाशी ली गई है और नोटिस जारी किया जा चुका है, जो अभी भी मान्य है
– एक औपचारिक संधि के तहत सरकार के एक सक्षम अधिकारी से सूचना प्राप्त की गई हो
एमनेस्टी स्कीम उस तिथि से प्रभावित होगी, जब नया अधिनियम लागू होगा, जो अगले साल 16 अप्रैल को प्रस्तावित है।
समाचारपत्र इंडियन एक्सप्रेस की पिछले महीने की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2006-07 के दौरान एचएसबीसी बैंक की जेनेवा शाखा में 1,200 भारतीयों के खाते थे।
रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सरकार ने 350 विदेशी खातों का आकलन पूरा कर लिया है, जबकि 60 खाताधारकों के खिलाफ कर चोरी की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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