जींद, 22 मार्च (आईएएनएस)। हरियाणा के जींद में रविवार को विभिन्न जाट संगठनों की महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में शिक्षा और नौकरियों में जाट समुदाय को आरक्षण देने की मांग के पक्ष में 11 मई से आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया।
यह महापंचायत हाल ही में आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर आयोजित की गई।
सर्वोच्च न्यायालय ने अन्य पिछड़ी जाति के तहत जाटों को आरक्षण सूची में शामिल करने की अधिसूचना रद्द कर दी है। इस अधिसूचना को मार्च 2014 में तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने जारी किया था। इसमें जाटों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया गया था।
महापंचायत को संबोधित करते हुए जाट नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए और जाटों को आरक्षण देने के लिए अन्य उपाय करने चाहिए।
बैठक के बाद एक जाट नेता ने संवाददाताओं से कहा, “आरक्षण के लिए हम अपने प्रयास जारी रखेंगे। आंदोलन को आगे ले जाने के लिए हम 11 मई को दिल्ली में जंतर-मंतर पर इकट्ठा होंगे। केंद्र सरकार को जाटों को आरक्षण देने के लिए विधेयक लाना चाहिए।”
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