चंडीगढ़, 24 मार्च (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा केंद्र सरकार की जाटों को आरक्षण संबंधी अधिसूचना को रद्द करने के बाद हरियाणा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा सरकार खुले तौर पर नौकरियों में जाटों के आरक्षण के समर्थन में उतर आई है।
राज्य के कृषिमंत्री ओम प्रकाश धनकर ने मंगलवार को कहा कि जाटों के आरक्षण पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का निरीक्षण किया जा रहा है।
धनकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, “इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर संवेदनशील हैं और जाट समुदाय के प्रतिनिधियों का विचार जानने के लिए उन्होंने चंडीगढ़ में कल (बुधवार) एक बैठक बुलाई है।”
मंत्री ने कहा कि एक पार्टी के रूप में भाजपा जाट समुदाय को आरक्षण के पक्ष में है और अपने शासनकाल के दौरान उसने राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में उन्हें आरक्षण दिया है।
धनकर ने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह, हरियाणा के वित्त मंत्री अभिमन्यु तथा भाजपा सांसद धरमबीर सिंह तथा भाजपा के जाट समुदाय के सभी नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की है।
धनकर ने कहा, “हमने उनसे आग्रह किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए वे समय उपलब्ध कराएं। इस मुद्दे पर आगे की बैठक के लिए शाह ने 26 मार्च को नई दिल्ली में 8-9 जाट बहुल राज्यों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है।”
यह पूछे जाने पर कि जाट आरक्षण मुद्दे की वकालत सर्वोच्च न्यायालय में सही ढंग से नहीं हो पाई, उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि जाटों को आरक्षण देने का फैसला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की प्रतिक्रियाओं के पालन के बिना जल्दबाजी में लिया।
उन्होंने कहा, “हम इसमें संशोधन का प्रयास करेंगे।”
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