’30 देशों तक पहुंचा भारतीय खेल लागोरी’

गुवाहाटी, 30 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय लागोरी महासंघ (एएलएफआई) ने असम और ओडिशा के सभी जिलों में 15 दिवसीय लागोरी प्रशिक्षण शिविर का बेहद सफल आयोजन किया और इस दौरान एएलएफआई के सचिव संतोष प्रहलाद गुराव ने बताया कि पूर्णत: भारत में जन्मा यह खेल धीरे-धीरे काफी लोकप्रिय हो चुका है और दुनिया के 30 देशों में खेला जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि लागोर को उत्तर भारतीय हिस्से में पिट्टो, टिप्पो या टीलो नाम से जाना जाता है और छोटी वय के बच्चों के बीच यह बेहद लोकप्रिय खेल है।

इसमें खपरैल या पत्थर के छोटे से बड़े आकार के कुछ पत्थरों को एक के ऊपर एक स्थिर किया जाता है और दो टीमों में बंटे खिलाड़ियों की एक टीम गेंद से इस पर निशाना लगाती है। लागोरी या पिट्टो के गिर जाने के बाद जहां गिराने वाली टीम को उसे फिर से उसी तरह लगाना होता है, वहीं दूसरी टीम उन्हें ऐसा करने से रोकती है, जिसके लिए वह दूसरी टीम के खिलाड़ियों को गेंद मारकर खेल से बाहर कर सकती है।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान असम और ओडिशा के राज्यपाल पद्म्नाभ बालकृष्ण आचार्य ने बारपेटा जिले के कीर्तन घर में आयोजित प्रशिक्षण शिविर का दौरा किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

एएलएफआई के सचिव संतोष प्रहलाद गुराव ने 2010 से दुनिया में लागोरी की बढ़ती लोकप्रियता से संबंधित एक रिपोर्ट भी राज्यपाल को भेंट की।

गुराव ने साथ ही लागोरी खेल के बारे में राज्यपाल को संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा, “लागोरी भारत का परंपरिक लोकप्रिय खेल है और अब यह 30 देशों में अपनी पहुंच बना चुका है।”

साथ ही गुराव ने भरोसा जताया कि मुंबई में आयोजित होने वाले पहले लागोरी विश्व कप में असम और ओडिशा के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और उन्होंने लागोरी विश्व कप में असम व ओडिशा के खिलाड़ियों से उम्दा प्रदर्शन की उम्मीद भी जताई।

इस दौरान असम लागोरी संघ के सचिव प्राग शर्मा और रेफरी केदार मेहेंडाले भी मौजूद रहे।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493