नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। मोबाइल फोन के टॉवरों से निकलने वाले विकिरण के बारे में भय दूर करते हुए मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों ने रविवार को कहा कि वे सख्त सुरखा मानक का पालन करते हैं और यह नुकसानदायक नहीं है।
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने यहां जारी एक बयान में कहा, “देश का मोबाइल विकिरण सुरक्षा मानक सख्त है और टॉवरों से निकलने वाला विकिरण चिंता का विषय नहीं है।”
राजस्थान से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राम लाल शर्मा की स्वास्थ्य चिंता का जवाब देते हुए सीओएआई ने कहा कि नुकसानदेह प्रभाव पर जताई जा रही चिंता सरकार के डिजिटल भारत कार्यक्रम को प्रभावित कर सकती है।
सीओएआई के महानिदेशक राजन एस. मैथ्यूज ने शर्मा को भेजे एक पत्र में लिखा है, “टॉवरों से उत्सर्जित होने वाली इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फील्ड (ईएमएफ) के बारे में डर पैदा किया जा रहा है, इसलिए हमें मिलकर उसे दूर करना है।”
शर्मा ने 24 मार्च को कहा कि उनके चोमू विधानसभा क्षेत्र में मोबाइल टॉवरों के 100 मीटर की जद में रहने वाले लोग कैंसर से पीड़ित हैं।
इस आरोप का खंडन करते हुए मैथ्यूज ने कहा कि टॉवर स्थापना को लेकर निराधार चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत के सपने को प्रभावित करेगा।
मैथ्यूज ने कहा, “ब्रॉडबैंड का विस्तार मुख्यत: मोबाइल प्रौद्योगिकी से होगा और वह समुचित अवसंरचना से ही संभव है, जिसमें मोबाइल टॉवर भी शामिल हैं।”
पत्र में कहा गया है, “भारत का ईएमएफ दिशानिर्देश डब्ल्यूएचओ मानक पर आधारित है, जिसका कई देश पालन करते हैं। हमने इसकी (मानक) सीमा को 2011 में घटाकर दसवां हिस्सा कर दिया, जिससे हम सबसे सुरक्षित देशों में से एक हो गए हैं।”
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