नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा है कि यह भारतीय परंपरा का एक अहम पहलू रहा है, हमें इसके दोहन का कोई हक नहीं है।
मोदी ने ये सब बातें सोमवार को यहां विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर कही। सम्मेलन में सभी राज्यों के पर्यावरण एवं मंत्री शिरकत कर रहे हैं।
मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “हम ऐसी परंपराओं में पले-बढ़े हैं, जहां प्रकृति को पूजा गया है और जहां प्रकृति का संरक्षण बहुत अहम है। हमें प्रकृति के दोहन का कोई अधिकार नहीं है। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि प्रकृति को लेकर भारत सर्वाधिक संवेदनशील देशों में से एक है। उन्होंने कहा, “भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन बहुत कम है।”
मोदी ने यह भी कहा कि भारत लंबे अर्से से रीसाइक्लिंग और पुन:प्रयोग की संकल्पनाओं का अनुभवी है। उन्होंने कहा, “हमने इसे (रीसाइक्लिंग) बाहर के देशों से नहीं अपनाया है।”
वहीं, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, “सर्वश्रेष्ठ तकनीकों का इस्तेमाल कर प्रकृति को बचाना हमारा कर्तव्य है।”
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