पणजी, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। गोवा सरकार के एक मंत्री की पत्नी द्वारा की गई टिप्पणी की कांग्रेस ने सोमवार को कड़ी निंदा की। दरअसल, मंत्री की पत्नी ने एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान देश में दुष्कर्म की घटनाओं के लिए पश्चिमी संस्कृति को जिम्मेदार ठहराया था। इतना ही नहीं, उन्होंने हिंदुओं से अपने बच्चों को कॉन्वेंट स्कूल में नहीं पढ़ाने का भी आग्रह किया था।
यह टिप्पणी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक और कारखाना एवं बॉयलर मंत्री दीपक धवलीकर की पत्नी लता धवलीकर ने की थी। एमजीपी गोवा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा है।
लता ने रविवार को पणजी से 35 किलोमीटर दूर मडगांव में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की थी।
कांग्रेस प्रवक्ता दुर्गादास कामत ने यहां जारी एक बयान में कहा, “धार्मिक आधार पर राज्य और देश को बांटने का यह एक स्पष्ट प्रयास है। दुष्कर्म की घटनाओं को पश्चिमी संस्कृति से जोड़ना और बच्चों को कॉन्वेंट स्कूल भेजने से रोकने के लिए परिजनों पर दबाव ड़ालना बीमार मानसिकता को दर्शाता है।”
सोमवार को जारी मीडिया रपटों के मुताबिक, लता धवलीकर ने कहा था, “महिलाओं द्वारा पाश्चात्य संस्कृति को अपनाए जाने से दुष्कर्म की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।” लता हिंदू संगठन सनातन संस्था की सदस्य है।
लता ने कहा था, “यह समय अपने समृद्ध प्राचीन भारतीय संस्कृति पर गर्व करने का है। आज भारतीय महिलाओं में माथे पर कुमकुम नहीं लगाने का चलन है। वे चुस्त और भड़काऊ कपड़े पहनती हैं। अपने बाल कटवाती हैं और अजीब से हेयरस्टाइल करती हैं।”
मंत्री की पत्नी ने हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दर्शकों का टेलीफोन पर जवाब देते समय ‘हेलो’ के बजाए ‘नमस्कार’ कहने पर जोर दिया। उन्होंने घर से बाहर जाते समय पुरुषों से तिलक लगाने और महिलाओं से बिंदी लगाने का भी आग्रह किया।
कामत ने कहा, “हमें गोवा में इस तरह की टिप्पणी सुनकर गहरा दुख हुआ है। क्योंकि यहां राज्य की आबादी की तुलना में ईसाई समुदाय की संख्या 26 प्रतिशत से अधिक है। भाजपा और मोदी अपने ही नेताओं द्वारा सांप्रदायिक बयानबाजी की जांच करने में असफल रहे हैं। अब ऐसा प्रतीत होता है कि इस तरह की बयानबाजी से अन्य लोग भी प्रेरित हो रहे हैं।”
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