भोपाल, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रवासी भारतीयों को राज्य के विकास के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों से जोड़ने के मकसद से प्रवासी भारतीय विभाग के गठन का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही राज्य में विभागों की संख्या बढ़कर अब 64 हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में इस नए विभाग के गठन का फैसला हुआ। प्रवासी भारतीय विभाग प्रवासी भारतीयों से संबंधित सभी मामले देखेगा। यह उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश में भी सहयोग करेगा।
यह विभाग प्रवासी भारतीय और भारतीय मूल के विद्यार्थियों को मध्य प्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक, तकनीकी शिक्षा और सांस्कृतिक संस्थानों में प्रवेश से संबंधित सूचनाएं देने और प्रसारित करने का काम भी करेगा। इन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से संबंधित कार्य यह विभाग देखेगा।
यह विभाग विदेश में रहने वाले भारतीय समुदाय और मध्यप्रदेश के बीच मजबूत कडी स्थापित करने के लिए मार्केटिंग और संचार की रणनीति बनाने, विदेश में कौशल-संपन्न जनशक्ति की आवश्यकता की पूर्ति के लिए व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों की स्थापना में मददगार होगा।
सरकार की योजना के मुताबिक व्यापार, संस्कृति, पर्यटन, मीडिया, युवाओं के मामले, स्वास्थ्य शिक्षा, विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी जैसे क्षेत्रों में प्रवासी भारतीयों के लिए नई पहल करने, विभाग के कार्य-कलापों के प्रभावी अमल के लिए केंद्रीय मंत्रालयों के साथ आवश्यक समन्वय, फ्रेंड्स ऑफ मध्य प्रदेश एवं ग्लोबल टैलेंट पूल योजना तथा प्रवासी भारतीयों से संबंधित विषयों पर अंतर्राज्यीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समन्वय का दायित्व भी इस विभाग के पास होगा।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में मुख्यमंत्री चौहान ने ग्लोबल टैलेंट पूल की स्थापना की पहल की है। इसके लिए ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी’ नाम का पोर्टल भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान उनकी वहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों के साथ चर्चा के बाद ही इस विभाग का गठन किया गया है।
dharmpath.com dharmpath