रोहित शर्मा को आईपीएल-8 में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद

कोलकाता, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा बुधवार को ईडन गरडस में मौजूदा चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ होने वाले टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच को लेकर विश्वास से भरे हुए हैं।

गौरतलब है कि रोहित ने ईडन में ही भारत के लिए पिछले वर्ष नवंबर में दोहरा शतक जमाया था।

रोहित ने आईपीएल-8 के पहले मैच से एक दिन पहले मंगलवार को कहा, “आप हर दिन रिकॉर्ड नहीं बना सकते। यहां खेली गई पारियां मेरे जेहन में अभी भी मौजूद हैं और यहां अगले मैच के लिए मैं आत्मविश्वास से भरा हुआ हूं।”

रोहित ने कहा, “हालांकि वह पारियां खेले अर्सा बीत चुका है और मैं वर्तमान में बने रहना चाहूंगा। इसके बावजूद मैं आत्मविश्वास से भरा हुआ हूं, क्योंकि यहां मेरा रिकॉर्ड अच्छा रहा है। मैं यहां के माहौल और विकेट से अच्छी तरह वाकिफ हूं।”

रोहित ने ईडन में पिछले वर्ष श्रीलंका के खिलाफ 264 रनों की एकदिवसीय क्रिकेट की सबसे बड़ी निजी पारी खेली थी। अपनी इस विश्व रिकॉर्ड पारी में रोहित ने 173 गेंदों का सामना कर 33 चौके और नौ छक्के लगाए थे।

मुंबई इंडियंस ने मंगलवार को आईपीएल-8 के अपने पहले से एक दिन पहले ईडन में अभ्यास किया और इस दौरान दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी मौजूद थे।

रोहित ने सचिन के योगदान का सराहना की और कहा, “सचिन पिछले सात वर्षो से मुंबई इंडियंस टीम का हिस्सा हैं और यह आठवां वर्ष है। उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए जब से खेलना शुरू किया तब से वह इसके अभिन्न हिस्सा बने हुए हैं और जब कभी हमें उनके मार्गदर्शन की जरूरत होती है वे हमेशा उपलब्ध रहते हैं।”

रोहित ने हालांकि मौजूदा चैम्पियन नाइट राइडर्स के खिलाफ उन्हीं के घरेलू मैदान पर खेलने को चुनौतीपूर्ण भी माना।

उन्होंने कहा, “ईडन पर खेलना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। सभी टीमों को अपने घरेलू मैदान का लाभ उठाने का अधिकार है और नाइट राइडर्स भी ऐसा ही कर रहे हैं। जब आप अपने गृह नगर से बाहर खेलते हैं तो सभी चीजें आपके विपरीत होती हैं।”

रोहित ने मैच के दौरान खिलाड़ियों के बीच छींटाकशी होने का भी बचाव किया।

रोहित ने कहा, “छींटाकशी खेल का ही हिस्सा है। जब आप बेहद दबाव वाला मैच खेल रहे होते हैं तो ऐसी चीजें हो ही जाती हैं, लेकिन आपको सीमा नहीं पार करनी होती। सभी खिलाड़ियों के पास खेलने का इतना अनुभव तो है ही कि वै जान सकें कि सीमा कहां होती है, जिसे उन्हें नहीं लांघना है।”

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