देहरादून, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में पिछले सप्ताह चर्चित फर्जी महिला आईएसएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी के मामले में ‘आंतरिक रिपोर्ट’ केंद्र सरकार को भेज दी है।
एक अधिकारी ने बताया कि यह रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के प्रबंधन और मसूरी जिला प्राशसन द्वारा तैयार की गई है।
एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया कि रिपोर्ट में मामले की विस्तृत रिपोर्ट है, जिसमें रूबी चौधरी नाम की एक महिला को नकली पहचान पत्रों और प्रत्यायकों के साथ आईएएस परिवीक्षार्थियों को प्रशिक्षित करने वाली उच्च सुरक्षा अकादमी में रहते पकड़ा गया था।
रूबी अब पांच दिन की पुलिस रिमांड पर है। उसका आरोप है कि केरल कैडर के आईएएस अधिकारी तथा अकादमी में उपनिदेशक सौरभ जैन ने उसका यहां प्रवेश करवाया था।
उसने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पर अकादमी के पुस्तकालय में उसे नौकरी दिलाने के लिए 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया।
इस बीच, एक स्थानीय टीवी चैनल द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में अकादमी के गार्ड देव सिंह ने भी चौधरी और जैन के बीच निकटता के बारे में बताया। उसने बताया कि जैन के इशारे पर महिला को सरकारी कमरा आवंटित किया गया था।
उत्तराखंड पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और इस पर भी विचार कर रही है कि उच्च सुरक्षा वाले इलाके में कैसे इतनी बड़ी सुरक्षा चूक हुई।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड सरकार के पास मामले को छिपाने की कोई वजह नहीं है। मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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