भोपाल, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में बिजली की दरें बढ़ाने के प्रस्ताव के खिलाफ रविवार को देश की राजधानी में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदेश की राजधानी भोपाल में रैली निकाली, जिसमें समूचे प्रदेश से आए कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदेश की बिजली कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग को बिजली दरों में 25 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। कंपनियों का कहना है कि उन्हें बीते वर्ष लगभग पांच हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, लिहाजा बिजली दरों में इजाफा किया जाए, ताकि इसकी भरपाई हो सके।
बिजली कंपनियों के इस प्रस्ताव के खिलाफ आप प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान चलाए हुई है। उसी क्रम में रविवार को भोपाल के शाहजहानी पार्क से इकबाल मैदान तक रैली निकाली गई। रैली में शामिल कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखे स्लोगनों में भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना थी।
गौरतलब है कि दिल्ली में आप की सरकार बनते ही बिजली की दरें आधी कर दी गई है और पानी पर लगने वाला शुल्क हटा लिया गया है। चुनावी वादे के मुताबिक जनता को राहत देने के बाद वहां पार्टी के पोस्टरों में स्लोगन दिया गया है- ‘बिजली हाफ, पानी माफ’।
आप के वरिष्ठ कार्यकर्ता और पूर्व विधायक पारस सखलेचा ने संवाददाताओं से कहा कि बिजली कंपनियों में लापरवाही हो रही है और वे खुद में सुधार लाने के बजाय जनता पर बोझ डालना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि सीएजी की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही से नुकसान हो रहा है और घपला छुपाने के लिए बिजली कंपनियों का ऑडिट नहीं होने दिया जा रहा है।
सखलेचा ने कहा कि प्रदेश सरकार को इन कंपनियों का ऑडिट कराना चाहिए, ताकि गड़बड़ियों का पता चल सके और सुधार लाया जा सके, मगर सत्ता में बैठे लोग भी कंपनियों पर ऑडिट के लिए दबाव बनाने के बजाय जनता पर बोझ डालना सबसे आसान समझ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “चाहे जेल जाना पड़े या लाठी-गोली खाने पड़े, मगर आम आदमी पार्टी बिजली के दाम नहीं बढ़ने देगी।”
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