बिहार में हड़ताली नियोजित शिक्षकों और सरकार में ठनी

पटना, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार में विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए नियोजित शिक्षक और सरकार अब आमने-सामने है। नियोजित शिक्षकों ने जहां 15 अप्रैल को बिहार बंद की घोषणा की है, वहीं सरकार ने हड़ताल अवधि का मानदेय नहीं देने तथा विद्यालयों में जबरन तालाबंदी करने पर कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारियों को दिया है।

नियोजित शिक्षकों के हड़ताल पर जाने के कारण सभी जिलों में अधिसंख्य प्राथमिक और मध्य विद्यालय बंद हैं, जो विद्यालय खुले भी हैं, उन्हें भी हड़ताली शिक्षक बंद करवा रहे हैं। शिक्षा विभाग के प्रखंड और जिलास्तरीय कार्यालयों को भी बंद कराने तथा काम बाधित करने की कोशिश की जा रही है।

शिक्षक संघों ने राज्य के 70 हजार विद्यालयों में पढ़ाई ठप होने का दावा किया है। राजधानी पटना के भी अधिकांश विद्यालयों में हड़ताल का असर देखा जा रहा है।

हड़ताल के पांचवें दिन सोमवार को बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संध के प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह ने हड़ताल को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि राज्य के करीब चार लाख नियोजित शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण हजारों विद्यालय बंद हो गए हैं। इधर, कई विद्यालयों में तालाबंदी कर दी गई है।

इस बीच, बिहार नियोजित शिक्षक न्याय मोर्चा व बिहार राज्य टीइटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी संध ने भी इस हड़ताल के समर्थन की घोषणा की है।

इधर, शिक्षा विभाग ने हंगामा और तालाबंदी करने वाले शिक्षकों पर सीधे कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। विभाग के सचिव आऱ क़े महाजन ने सभी जिले के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग ने साफ तौर पर कह दिया है कि जो भी शिक्षक हड़ताल पर रहेंगे, उन्हें ‘नो वर्क नो पे’ के आधार पर हड़ताल अवधि का नियत मानदेय नहीं दिया जाएगा।

इस बीच, बिहार राज्य नियोजित शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने 15 अप्रैल को बिहार बंद की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि वेतनमान, समान काम के लिए समान वेतन तथा सरकारी सेवा में समायोजित करने की मांग को लेकर नौ अप्रैल से बिहार के नियोजित शिक्षक हड़ताल पर हैं।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493