हनोवर, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत अपने युवाओं के कौशल विकास में जर्मनी को पसंदीदा साझेदार मानता है। उन्होंने कहा कि हनोवर मेसे में भारत की भागीदारी का लक्ष्य दोनों देशों के बीच मौजूद अपार संभावनाओं का लाभ उठाना है।
मोदी ने सोमवार को जर्मनी के समाचार पत्र ‘फ्रैंकफर्टर एल्जेमीन जीटंग’ (फ्रैंकफर्ट जनरल न्यूजपेपर) के ऑप-एड पृष्ठ पर एक लेख में कहा, “जर्मनी की मेरी यात्रा और हनोवर मेसे में साझेदार देश के रूप में भारत की भागीदारी का उद्देश्य दोनों देशों के बीच मौजूद अपार संभावनाओं को साकार करना है।”
प्रधानमंत्री मोदी जर्मनी के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर है। उन्होंने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और जर्मन उद्योग जगत की दिग्गज हस्तियों के साथ चर्चा में कहा, “मैं अपनी भविष्य की योजनाओं में अपने आशावाद और विश्वास की भावना को साझा करने का इरादा रखता हूं।”
उन्होंने कहा, “मैं यह जानने की भी कोशिश करूंगा कि हम भारत में निवेश और विनिर्माण के संदर्भ में जर्मनी के उद्यमियों की चिंताओं के समाधान के लिए क्या कर सकते हैं।”
मोदी ने कहा, “हम नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जर्मनी के अभूतपूर्व अनुभवों से भी सीखना चाहते हैं। हम छतों पर लगने वाली सौर परियोजनाओं और ऑफ-ग्रिड सौर और पवन बिजली के क्षेत्र में आपकी सफलता का अनुकरण करना चाहते हैं। इसके साथ ही हम ग्रिड एकीकरण और प्रबंधन में आपकी विशेषज्ञता से भी लाभ उठाना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में जल, कचरा और शहरी विकास के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए भारत जर्मन प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
उनके मुताबिक, “हम पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी समाधान पेश करने की जर्मनी की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हैं। आप मेरी सरकार के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ में हमारे साथी भी हैं।”
“हम गंगा नदी को साफ करने के लिए जर्मनी के अनुभव से भी लाभ उठाना चाहते हैं। हम अपने परिवहन नेटवर्को को आधुनिक बनाने में सहयोग के लिए रेलवे सहित आपकी परिवहन कंपनियों को आमंत्रित करते हैं। आपकी लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचा कंपनियां भारत के औद्योगिक गलियारों के विकास में योगदान दे सकती हैं।”
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