लखनऊ के सीजेएम सुनील कुमार के समक्ष धारा 200 सीआरपीसी के अंतर्गत दायर परिवाद में कहा गया है कि संजय राउत ने ‘सामना’ के 12 अप्रैल के अंक में छपे ‘ओवैसी की उछलकूद : सावधान बिल में संपोले हैं’ शीर्षक लेख में मुसलमानों का मताधिकार छीनने की बात कही है, जो आईपीसी की धारा 153 (ए), 295 (ए), 298, 504, 505 (1) (बी) व (सी) तथा 505 (2) के तहत अपराध है।
ठाकुर ने कहा है कि राउत के लेख में ओवैसी द्वारा कही गई जो बातें उद्धृत की गई हैं, वे भी समान धाराओं के तहत अपराध हैं।
वादी के अधिवक्ता त्रिपुरेश त्रिपाठी ने आरोपों को अत्यंत ही गंभीर और संवेदनशील बताते हुए राउत और ओवैसी को न्यायालय में तलब कर उन्हें नियमानुसार दंडित करने का अनुरोध किया।
सीजेएम ने परिवाद दर्ज करते हुए अमिताभ ठाकुर को 25 अप्रैल को धारा 202 सीआरपीसी के तहत अपना बयान दर्ज कराने के आदेश दिए।
dharmpath.com dharmpath