लंदन, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। वायु प्रदूषण केवल श्वसन व हृदय संबंधी रोगों का ही कारण नहीं, बल्कि यह दिल के दौरे के जोखिम को भी बढ़ाता है। एक नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है।
शोधकर्ताओं ने ध्वनि प्रदूषण व दिल के दौरे के जोखिम के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया।
जर्मनी के डसेलडॉर्फ स्थित हेनरिक हेन युनिवर्सिटी के अध्ययन के एक लेखक बारबारा हॉफमैन ने कहा, “लंबे समय तक धूल-कण के संपर्क में रहने से दिल के दौरे का खतरा बढ़ता है। घर में शोरगुल का दिल के दौरे से कोई सीधा संबंध नहीं है।”
अध्ययन में 45-74 वर्ष आयु वर्ग के चार हजार निवासियों पर साल 2000-03 तक अध्ययन किया गया।
इस दौरान, इन लोगों में दिल का दौरा पड़ने या हृदय संबंधी बीमारियां होने और इससे होनेवाली मौतों को सालाना दर्ज कर उसका अध्ययन किया गया। इसके अलावा, लेखक ने शोध के प्रतिभागियों के निवास स्थान के अनुसार, वायु व ध्वनि प्रदूषक का आकलन किया।
यह अध्ययन पत्रिका ‘डॉयचेज अर्जटेब्लाट इंटरनेशनल’ में प्रकाशित हुआ है।
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