नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शुक्रवार को इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही कांग्रेस ने कहा कहा कि जम्मू एवं कश्मीर सरकार को मसरत आलम के मुद्दे पर नजर रखना चाहिए था।
कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने आईएएनएस से कहा, “भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार ने मीडिया के हंगामे के बाद मसरत आलम के खिलाफ कार्रवाई की, जिसने भारत विरोधी रैली में हिस्सा लिया था।”
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
अहमद ने कहा, “अलगाववादियों की गतिविधियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और राज्य सरकार को इस तरह के मुद्दों पर नजर रखना चाहिए था।” उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें रैली करने की मंजूरी क्यों दी गई?
अलगाववादी नेता मसरत आलम को गुरुवार रात नजरबंद कर दिया गया था। लेकिन आज (शुक्रवार) जम्मू एवं कश्मीर के बडगाम जिले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बडगाम जिले में ही 15 अप्रैल को पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने और पाकिस्तानी झंडे फहराने के लिए उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
अन्य अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी को भी नजरबंद कर दिया गया है।
पुलिस ने 15 अप्रैल को मसरत आलम के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की थी। इसी दिन आलम ने गिलानी के लिए अलगाववादियों की रैली का नेतृत्व किया था। रैली के दौरान लोगों ने पाकिस्तानी झंडे लहराए थे और पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की थी।
dharmpath.com dharmpath