बोटॉक्स से हो सकता है लकवा

सिडनी, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। सुंदर दिखने की चाह में अगर बोटॉक्स कराने की इच्छा है, तो ठहरिए! वैज्ञानिकों के मुताबिक, आपको निखारने के लिए जिस ‘बोटोक्स टॉक्सिन’ का इस्तेमाल किया जाता है, वह आपके केंद्रीय स्नायुतंत्र तक पहुंचकर आपको लकवाग्रस्त कर सकता है।

त्वचा को र्झुी मुक्त करने के लिए बोटॉक्स का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन समस्या यह है कि आपके चेहरे की चमक निखारने के अलावा आपको आंशिक या पूर्णत: लकवाग्रस्त करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के युनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के ब्रेन इंस्टीट्यूट लेबोरेटरी के प्रोफेसर फ्रेडरिक म्यूनियर ने चेतावनी देते हुए कहा, “शोध के दौरान यह बात सामने आई है कि त्वचा के अंदर पहुंचाया गया कुछ टॉक्सिन (जहर) हमारी तंत्रिका कोशिकाओं के सहारे केंद्रीय स्नायुतंत्र तक पहुंच जाता है।”

उन्होंने कहा कि अबतक की खोज के मुताबिक, चिकित्सकीय तौर पर अभी तक बोटॉक्स के कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आए हैं, लेकिन यह पता लगाना जरूरी है कि ये टॉक्सिन किस तरह केंद्रीय स्नायुतंत्र तक पहुंचते हैं, क्योंकि इस रास्ते का इस्तेमाल अन्य रोगाणुओं जैसे वेस्ट नील या रेबीज के विषाणुओं द्वारा भी किया जा सकता है।

प्रोफेसर फ्रेडरिक म्यूरियन की प्रयोगशाला में शोधार्थी टोंग वांग ने कहा, “पहली बार हम बोटॉक्स टॉक्सिन को काफी तेज गति से अपनी तंत्रिका कोशिकाओं में गुजरते देखने में सक्षम हुए।”

उल्लेखनीय है कि बोटॉक्स में प्रयुक्त होने वाला टॉक्सिन जीवाणु क्लोस्ट्रिडियम बॉटुलिनम से प्राप्त होता है।

यह शोध पत्रिका ‘न्यूरोसाइंस’ में प्रकाशित हुआ है।

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