जानकारी मिली है कि बुधिराम गेहूं काटने के लिए अपने खेत पर पहुंचा। गेहूं की दुर्दशा देखकर उसे दिल का दौरा पड़ गया। पड़ोस के बैजनाथ पाल, मानिकचंद गौड़, जगरनाथ पाल, रिंकू और किरन बगल के खेत में गेहूं की फसल की कटाई कर रहे थे। उन्होंने देखा कि बुजुर्ग बुधिराम पाल खेत में गिर गया है तो दौड़कर उसके पास पहुंचे। अचेत बुधिराम को वे बाराचवर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र ले गए।
चिकित्सकों ने बुधिराम की गंभीर हालत देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। गाजीपुर ले जाते समय बीच रास्ते में ही बुधिराम पाल ने दम तोड़ दिया।
मृतक के भाई विसर्जन पाल ने बरेसर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। बरेसर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक माह पहले बुधिराम पाल की तीन भैंस मर गई थीं तथा बुधिराम ने भेड़ पालन भी किया था, जिसमें 50 भेड़ें भी लगभग एक माह पहले मर गईं। बची हुई 25 भेड़ों को बुधिराम ने शादी के खर्च के लिए अपनी बिरादरी के लोगों के पास गिरवी रख दिया। इसी माह 29 अप्रैल को उनकी भतीजी का तिलक जाना है, उसी दिन बुधिराम की त्रयोदशाह श्राद्ध होगा।
हलका के लेखपाल कमलकांत तिवारी ने मौके पर पहुंचकर घटना की असलियत जानी और अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है।
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