लखनऊ , 20 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि दिल्ली में रविवार को हुई किसान रैली में उप्र से करीब 2 लाख कार्यकर्ताओं ने शिरकत की और समूचे देश से 5 लाख से अधिक किसानों ने रैली में पहुंचकर यह जता दिया कि वे केंद्र सरकार की नीतियों से खुश नहीं हैं।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ललितेशपति त्रिपाठी ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि उप्र में खोई हुई जमीन तलाशने में जुटी उप्र कांग्रेस इकाई दिल्ली की कामयाब किसान रैली को अपने लिए ‘संजीवनी’ के तौर पर देख रही है।
उन्होंने कहा, “राहुल के नेतृत्व में पार्टी मजबूती से आगे बढ़ रही है। किसान रैली में उप्र के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, उससे विरोधी घबरा गए हैं। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि उप्र से करीब 2 लाख कार्यकर्ताओं ने इस रैली में हिस्सा लिया।”
मिर्जापुर जिले के मड़िहान विधानसभा क्षेत्र से विधायक त्रिपाठी ने कहा कि दिल्ली रैली में पश्चिमी उप्र से ज्यादा तादाद में लोग पहुंचे थे, जबकि पूर्वाचल और बुंदेलखंड से अपेक्षाकृत कम लोग पहुंचे, लेकिन कुल मिलाकर कार्यकर्ताओं ने जिस तरह का उत्साह दिखाया है, उससे संगठन के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता किसानों को केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण विधेयक की खामियां बताने के लिए पिछले एक महीने से जिला, ब्लॉक एवं गांव स्तर पर लगे हुए हैं। वे घर-घर जाकर किसानों को बता रहे हैं कि उनकी जमीन पर मोदी सरकार की ‘कुदृष्टि’ लगी हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र ललितेशपति ने कहा, “मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियां ही उसके लिए आत्मघाती साबित होंगी। कांग्रेस के कार्यकर्ता भूमि अधिग्रहण विधेयक की सच्चाई बताने के लिए सड़क पर उतर चुके हैं।”
उन्होंने कहा कि जिस तरह का रोष किसानों के भीतर दिखाई दे रहा है, उससे यह तय है कि किसान मोदी सरकार के इस विधेयक के खिलाफ सड़कों पर उतरने का मन बना चुके हैं। जिस तरह का माहौल रविवार को दिल्ली में दिखाई दिया, वह मोदी सरकार के बुरे दिन आने के संकेत हैं।
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