नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती 45 वर्षीय मरीज के शरीर से 2.75 किलोग्राम वजनी गुर्दा निकाला गया है। इसे विश्व का सबसे बड़ा गुर्दा माना जा रहा है।
सुभाष यादव पिछले कुछ सालों से ऑटोसोमल डॉमिनेंट पॉलिकाइस्टिक किडनी डिजीज (केडीपीकेडी) से पीड़ित था और उसे पिछले महीने ही पेट में तेज दर्द और मूत्र में खून की शिकायत के बाद दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल (एसजीआरएच) में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मामले की गंभीरता से जांच करने के बाद मरीज के दोनों गुर्दे निकालकर नए गुर्दे प्रत्यारोपित करने का फैसला किया गया।
चिकित्सकों ने तीन घंटे लंबे ऑपरेशन के बाद मरीज के शरीर से गुर्दा बाहर निकाला, जिसका वजन 2.75 किलोग्राम था।
एसजीआरएच की मूत्र संबंधी मामलों के कंसल्टैंट चिकित्सक और इस ऑपरेशन को करने वाले मनु गुप्ता ने कहा, “हमें यह प्रक्रिया बहुत चुनौतिपूर्ण लगी। सामान्य गुर्दे का वजन लगभग 130 ग्राम होता है। लेकिन इस गुर्दे का वजन 2.75 किलोग्राम था, जिसका वजन सामान्य गुर्दे से 20 गुना अधिक है और यह आसपास की अतड़ियों के बीच फंसा हुआ था।”
“यहां तक कि मरीज के दूसरे गुर्दे का भी वजन 2.5 किलोग्राम ही था। हमें इस दूसरे गुर्दे को एक सप्ताह बाद ऑपरेशन कर निकालना पड़ेगा।”
गुप्ता ने कहा कि शरीर से निकाले गए इस गुर्दे को अब तक का सबसे बड़ा गुर्दा कहा जा सकता है।
‘गिनीज बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के मुताबिक 2.15 किलोग्राम वजन का गुर्दा विश्व का सबसे बड़ा गुर्दा है, जिसे 2011 में महाराष्ट्र के धुले में एक मरीज के शरीर से निकाला गया था।
एसजीआरएच के नेफ्रोलॉजिस्ट सलाहकार, विनंत भार्गव के मुताबिक, “मरीज की हालत में सुधार हो रहा है और उसका जल्द ही गुर्दा प्रत्यारोपण किया जाना है।”
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