पूर्णिया (बिहार), 23 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के पूवरेत्तर क्षेत्र वासियों के लिए मंगलवार रात किसी प्रलय से कम नहीं थी। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने यहां भारी तबाही मचाई है। आंधी ने 25 हजार घरों को नुकसान पहुंचाया एवं 42 लोगों की जानें लीं।
पूर्णिया (बिहार), 23 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के पूवरेत्तर क्षेत्र वासियों के लिए मंगलवार रात किसी प्रलय से कम नहीं थी। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने यहां भारी तबाही मचाई है। आंधी ने 25 हजार घरों को नुकसान पहुंचाया एवं 42 लोगों की जानें लीं।
पूर्णिया जिला शुरू होते ही तबाही के मंजर देखने को मिल रहे हैं। मक्की की फसल जमीन पर पड़ी है। ग्रामीण आंधी में उजड़े घरों की मरम्मत में लगे हुए हैं। वे कहते हैं कि 45 मिनट में सब बर्बाद हो गया।
पूर्णिया जिले के सर्वाधिक प्रभावित डगरूआ प्रखंड के हरखेली गांव के पंकज यादव ने कहा, “75 साल में ऐहनो तबाही नाय देखने रहिए। करजा लेईके खेती करलिए सबे बर्बाद होई रहिए।”
उन्होंने कहा कि 45 मिनट तक रही आंधी ने सब छीन लिया। किसानों के लिए तो यह दोहरी मार है। आंधी के बाद हुई बारिश-ओलावृष्टि में खेत में लगी गेहूं, सब्जी, मूंग, मक्का, आम, लीची सहित अन्य फसल भेंट चढ़ गईं। किसानों ने कहा कि 50 से 500 ग्राम वजनी ओले पड़े।
आंधी-बारिश में डगरूआ प्रखंड की अधखेली पंचायत में सबसे अधिक जानें गईं। पूरी पंचायत में मातम छाया हुआ है। लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते नजर आ रहे हैं।
हरखेली गांव के मोहम्मद अशफाकके लिए तो वो आंधी किसी कहर से कम नहीं थी। अशफाक का कच्चा घर था, जो आंधी में गिर गया, जिसमें दबने से उसके बेटे व बेटी की मौत हो गई। वह रुं धे गले से कहते हैं कि अल्लाह किसी को ऐसा दिन न दिखाए।
उन्होंने कहा, “इस आंधी ने सब कुछ छीन लिया।” इतना कहते ही उनका गला भर्रा गया।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य के मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, कटिहार, किशनगंज, दरभंगा और मधुबनी जिले में चक्रवाती तूफान से 25 हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया। बुधवार रात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हालात जानने के लिए मुख्यमंत्री से बातचीत की। उन्होंने हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जा रही है।
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