नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) अधिनियम, 2014 तथा इससे संबंधित संविधान संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान आयोग केवल उन अतिरिक्त न्यायाधीशों के मामले पर गौर करेगा, जिनका कार्यकाल खत्म होने जा रहा है।
सर्वोच्च न्यायालय के संवैधानिक पीठ के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर ने महान्यायवादी मुकुल रोहतगी का बयान दर्ज किया। इसके मुताबिक, एनजेएसी केवल मौजूदा उन अतिरिक्त न्यायाधीशों की जगह नई नियुक्ति करेगा, जिनका कार्यकाल खत्म होने जा रहा है।
रोहतगी ने न्यायालय से कहा कि एनजेएसी का संविधान दो प्रख्यात लोगों के चयन व नियुक्ति के बाद पूरा हो जाएगा।
सुनवाई लंबित रहने की अवधि के दौरान आयोग के लिए दो प्रख्यात लोगों के नामांकन के फलस्वरूप एनजेएसी अतिरिक्त न्यायधीशों की नियुक्ति करेगा।
मुकुल रोहतगी ने न्यायालय से कहा कि कार्यकाल पूरा करने वाले अतिरिक्त न्यायाधीशों का पहला जत्था असम से होगा, जबकि जून में बॉम्बे उच्च न्यायालय से 7-8 न्यायाधीश कार्यकाल पूरा करेंगे।
dharmpath.com dharmpath