कमजोर तिमाही नतीजों से शेयर बाजार पर रहा दबाव (लीड-1, साप्ताहिक समीक्षा)

मुंबई, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेशी पूंजी पर पिछली तारीख से लागू पूंजीगत लाभ कर के दावों और आगे भी इस तरह की संभावनाओं से जुड़ी चिंताओं की वजह से शुक्रवार को समाप्त सप्ताह में बाजार पर दबाव रहा। इस वजह से सेंसेक्स अपने पिछले साढ़े तीन महीने के निचले स्तर तक चला गया।

कंपनियों के पिछले वित्त वर्ष में जनवरी-मार्च तिमाही के मिले-जुले नतीजे रहे। हालांकि कुछ बड़ी कंपनियों जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे, लेकिन विप्रो, एचसीएल और इन्फोसिस जैसी अन्य कंपनियों के नतीजे कमजोर रहे, जिससे बाजार पर दबाव पड़ा।

इस साल मानसून के सामान्य से कम रहने के अनुमान से भी बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 13 जनवरी के बाद अपने निचले स्तर पर चला गया।

सेंसेक्स न सिर्फ 28,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया, बल्कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान इसके पांच कारोबारी सत्रों में से चार सत्र में गिरावट दर्ज हुई।

सेंसेक्स में 3.53 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि नेशननल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों वाले सूचकांक निफ्टी में 3.49 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 3.12 प्रतिशत और स्मॉलकैप में 5.27 प्रतिशत की तेज गिरावट रही।

ब्रोकिंग फर्म शेरखान के मुताबिक, “विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा न्यूनतम वैकल्पिक कर के भुगतान से बाजार भावनाओं पर दबाव जारी है। यहां तक कि वित्त मंत्री ने भी कहा है कि भारत में दोहरे कराधान से बचाव समझौते की वजह से देश में मौजूद इकाइयों पर न्यूनतम वैकिल्पक कर लागू नहीं होगा।”

विदेशी निवेशकों की घबराहट स्पष्ट है। छह कारोबारी सत्रों में से चार दिन सेंसेक्स में गिरावट रही। सोमवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 10.711 करोड़ डॉलर और मंगलवार को 23.142 करोड़ डॉलर की शुद्ध बिकवाली की, जबकि गुरुवार को इन्होंने 13.403 करोड़ डॉलर और शुक्रवार को 4.458 करोड़ डॉलर की बिकवाली की।

सेंसेक्स में सोमवार को 1.95 प्रतिशत और मंगलवार को 0.75 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि गुरुवार को सेंसेक्स में 0.56 प्रतिशत और शुक्रवार को 1.07 प्रतिशत की गिरावट रही।

सेंसेक्स में सिर्फ एक दिन बुधवार को मजबूती रही। बुधवार को सेंसेक्स में 0.77 प्रतिशत की मजबूती रही। इस दौरान विदेशी निवेशकों ने 2.59 अरब डॉलर की शुद्ध खरीदारी की।

इस सप्ताह टाटा स्टील में 9.71 प्रतिशत की मजबूती रही, जबकि सरकारी स्वामित्व वाली भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल) में 0.86 प्रतिशत की मजबूती रही, जबकि विप्रो में 13.08 प्रतिशत और सन फार्मास्युटिकल्स में 12.92 प्रतिशत की गिरावट रही।

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