पटना, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। भूकंप की दहशत से अब भी बिहार के लोग उबर नहीं पाए हैं। शनिवार की रात पूरा बिहार जागता रहा है। डर था अधिक तीव्रता वाले भूकंप के फिर आने का। वैसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रात को खुले में जगह लिए लोगों से मिलने के लिए शहर में घूमे परंतु लोगों के मन से वे भी डर नहीं निकाल पाए।
पटना, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। भूकंप की दहशत से अब भी बिहार के लोग उबर नहीं पाए हैं। शनिवार की रात पूरा बिहार जागता रहा है। डर था अधिक तीव्रता वाले भूकंप के फिर आने का। वैसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रात को खुले में जगह लिए लोगों से मिलने के लिए शहर में घूमे परंतु लोगों के मन से वे भी डर नहीं निकाल पाए।
राजधानी पटना के लोगों ने शनिवार रात घर-बार छोड़कर खुले स्थान पर शरण ले लिया था। इन्हें डर था जान, घर और सब कुछ छिन जाने का। ऐसे तो राजधानी के सभी पार्क ऐसे लोगों से भरे पड़े थे परंतु दहशत के कारण घर से बाहर निकल कर आने वालों की सबसे ज्यादा भीड़ गांधी मैदान में देखने को मिली। यहां हजारों की भीड़ रात भर इकट्ठा रही।
यहां आने वालों में कोई हनुमान चलीसा पढ़ रहा था, तो कोई शिरडी सांई बाबा को याद कर मनौती मांग रहा था, तो कोई सुकून से रात को गुजर जाने पर पटना के महावीर मंदिर जाकर प्रसाद चढ़ाने की बात कर रहा था। इस दौरान मोबाइल फोन की घंटियां दहशत को रह-रहकर और बढ़ा रही थी। सोशल मीडिया पर रात को भूकंप आने की अफवाह लोगों को और दहशतजदा करती रही।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ब्यास जी भी कहते हैं कि सोशल मीडिया में रात को तीव्र गति से आने वाले भूकंप की खबरों से स्थिति और गंभीर हो गई थी। उन्होंने लोगों से अफवाह से बचने की अपील की है।
गांधी मैदान में रात गुजार रहे एग्जीबिशन रोड के व्यवसायी मदन सिंहानियां अपने पूरे परिवार के साथ आए थे। मदन कहते हैं, “एक-दो दिनों में भूकंप आने की खबर भले ही अफवाह हो, परंतु अगर सच में भूकंप आ गया तो क्या करेंगे। इससे अच्छा है कि रात इसी मैदान में गुजारी जाए।”
सबसे ज्यादा दहशत में छोटे-छोटे बच्चे नजर आ रहे थे, जिनकी जिंदगी में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला थ। भूकंप का मायने भी नहीं जानने वाले इन बच्चों के मन में भूकंप के विषय में जानने की जिज्ञासा थी। वे रह-रहकर अपने अभिभावकों से यह भी पूछते रहे कि अब तो फिर भूकंप नहीं आएगा।
रात के दो बजे तक गांधी मैदान में मेले सा दृश्य था। सुबह के तीन बजने के बाद लोग अपने-अपने घरों में लौटने लगे थे, परंतु भूकंप को लेकर उनके मन में अब भी डर था।
गांधी मैदान में रात गुजार रही वृद्घ महिला बालो देवी ने कहा, “अईसन भूकंप न देखले हलियो बाबू। पूरा धरती डोल गेल हलई।” वैसे भगवान को वह लाख-लाख बधाई भी देती हैं कि पटना में बहुत कुछ नुकसान नहीं हुआ।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को आए भूकंप से बिहार में अब तक 35 लोगों की मौत हो गई है।
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