बाराबंकी, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिला मुख्यालय में रविवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पेड़ में फांसी लगाकर एक किसान ने जान दे दी। जिलाधिकारी का कहना है कि “मृत किसान ने पहले अपनी जमीन बेचने के लिए रुपये ले लिए थे, अब वह जमीन नहीं बेचना चाह रहा था, जिससे वह तनाव में था।”
नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी की रैली में राजस्थान के किसान गजेन्द्र सिंह द्वारा फांसी लगाए जाने का मामला अभी ठंड़ा भी नहीं पड़ा था कि बाराबंकी जिले की हैदरगढ़ तहसील के रहने वाले किसान आशाराम ने रविवार सुबह जिलाधिकारी कार्यालय के सामने कलेक्ट्रेट तिराहे में एक पेड़ पर चढ़कर अपने गमछे से फांसी लगाकर जान दे दी। इस घटना से जिले में सनसनी फैल गई और सभी आला अफसरान मौके पर पहुंच गए हैं। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि “मृतक ने पहले गांव के एक व्यक्ति से अपनी जमीन बेचने के एवज में रुपये ले लिए थे, अब वह नहीं बेचना चाह रहा था। जिससे वह काफी तनाव में था।” बकौल जिलाधिकारी, “आत्महत्या की यही वजह हो सकती है, फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।”
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