ग्रामीणों का मानना है कि मोरों को सुनियोजित तरीके से जहर देकर मारा गया है। घटना की सूचना अमौली रेंज के जहानाबाद में स्थित कार्यालय में तैनात वन दरोगा वीरेंद्र बहादुर सिंह को दी गई तो उन्होंने केवल इतना कहा कि जिन्होंने मारा है उनको चिह्न्ति कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि वन दरोगा ने बयान देने के बाद मौके पर जाना भी जरूरी नहीं समझा। इस बात को लेकर ग्रामीणों में रोष है और उनका मानना है कि वन विभाग के कर्मचारी केवल अवैध कटान में वसूली पर अपना ध्यान केंद्रित रखते हैं। उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
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