गोवा में वृद्धों की बहुलता चिंता का सबब

पणजी, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। छुट्टियां मनाने के लिए लोगों की पहली पसंद गोवा अब सेवानिवृत्त लोगों के लिए वहां पर बसने की पहली पसंद बनता जा रहा है। शीर्ष चिकित्सा पेशेवरों ने चेताते हुए कहा कि एक दो पीढ़ी बाद यह राज्य जराचिकित्सकों के लिए स्वर्ग बन जाएगा।

पणजी, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। छुट्टियां मनाने के लिए लोगों की पहली पसंद गोवा अब सेवानिवृत्त लोगों के लिए वहां पर बसने की पहली पसंद बनता जा रहा है। शीर्ष चिकित्सा पेशेवरों ने चेताते हुए कहा कि एक दो पीढ़ी बाद यह राज्य जराचिकित्सकों के लिए स्वर्ग बन जाएगा।

प्रजनन दर और मृत्यु दर एक-दूसरे के विपरीत है। यहां के युवा पलायन कर रहे हैं और देश के सेवानिवृत्त लोगों के लिए गोवा शीर्ष गंतव्य स्थल बनता जा रहा है और वे यहां पर आकर बस रहे हैं जिसके कारण राज्य में वृद्धों की संख्या बढ़ रही है।

शीर्ष कर्करोग विशेषज्ञ शेखर सालकर के मुताबिक, राज्य को सभी संभावनाओं में एक या दो पीढ़ी बाद बुढ़ापे से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की सभी जरूरतों को पूरा करना होगा।

सालकर ने आईएएनएस से कहा, “1947 में गोवा में महिलाओं की औसत जीवन अवधि 47 साल थी और पुरुषों की 57 साल थी। मौजूदा समय में पुरुषों की औसत जीवन अवधि 70 हो गई है और मैं इस बात को पक्के तौर पर कह सकता हूं कि एक या दो पीढ़ी बाद यह 75 हो जाएगी। उस दौरान बुढ़ापे की देखरेख एक प्रमुख मुद्दा बन जाएगा।”

उन्होंने कहा, “गोवा इतना शांत राज्य है और पूरे भारत से वृद्ध लोग गोवा आकर यहां बस रहे हैं। यही कारण है कि गोवा के प्रॉपर्टी बाजार में इतनी तेजी है। उनके यहां पर आने का कारण यह भी है कि यहां पर आराम मिलता है और तापमान भी काफी अच्छा रहता है।”

गोवा विधानसभा में वृद्धों की आबादी के मुद्दे पर कई बार चिंता जताई जा चुकी है, खास तौर पर मनोहर पर्रिकर द्वारा। उल्लेखनीय है कि बीते साल रक्षा मंत्री बनने से पहले पर्रिकर राज्य के मुख्यमंत्री थे।

आधिकारिक आकंड़ों के मुताबिक, राज्य में प्रजनन दर 2.1 से 1.7 हो गई है। 2.1 की प्रजनन दर एक स्थिर आबादी को इंगित करता है जबकि इससे नीचे के सभी आंकड़े जनसंख्या वृद्धि में गिरावट के दर्शाते हैं।

पर्रिकर ने 2013 में गोवा की आबादी को नियंत्रित करने के लिए एक सफल जन्म नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया था। साथ ही पर्रिकर ने कहा था, “राज्य की आबादी युवा के स्थान पर उम्रदराज होती जा रही है।”

पर्रिकर की यह आशंका से पहले ही 2011 के जनगणना के आंकड़ों में यह बात स्पष्ट हो गई थी। इन आंकड़ों में उम्रदराज आश्रित जनसंख्या के मामलों में गोवा दूसरे स्थान पर है, जबकि केरल इस मामले में पहले स्थान पर है। इत्तेफाक से गोवा में 0-9 आयु वर्ग में अनुपातिक जनसंख्या भी सबसे कम रही है।

मनिपाल हेल्थ इंटरप्राइजेज के मुख्य परिचालन अधिकारी गोपाल देवानहल्ली ने आईएएनएस से कहा, “गोवा में एक और दो पीढ़ी के बाद हमें वृद्धावस्था संबंधी समस्याएं होंगी। इसलिए हम यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं कि उम्रदराज लोगों की अच्छी तरह देखभाल की जा सकती है। हमारी सेवा ‘घर पर देखभाल’ पर हम ज्यादा जोर देंगे।”

इस सेवा में तकनीशियनों और नर्सो के घर के दौरे भी शामिल होंगे। ये लोग चिकित्सकों के साथ प्रौद्योगिकी के माध्यम से जुड़े रहेंगे और मरीज की रिमोट से जांच करेंगे।”

देवानहल्ली ने कहा, “इससे यह सुनिश्चित होगा कि आपको हर छोटी-छोटी समस्या जैसे रक्तचाप परीक्षण या रक्त परीक्षण के लिए मरीज को अस्पताल नहीं लाना होगा।”

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