काठमांडू, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राजधानी काठमांडू में अब जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
काठमांडू, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राजधानी काठमांडू में अब जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
25 अप्रैल को नेपाल में तेज भूकंप आया था, जिससे राजधानी काठमांडू सहित पूरा नेपाल बुरी तरह प्रभावित हुआ। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.9 आंकी गई थी। यहां तक कि नेपाल के आस-पास के क्षेत्रों भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और तिब्बत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और कुछ जगहों पर जान-माल की हानि भी हुई।
शनिवार को आए भूकंप के बाद से अब तक नेपाल में भूकंप के हल्की तीव्रता वाले 600 झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। हालांकि मंगलवार के बाद से भूकंप के और झटके महसूस नहीं किए गए हैं।
काठमांडू में बुधवार सुबह कुछ दुकानें खुलीं और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी देखी गई।
आपदा के चार दिनों बाद बिजली आपूर्ति फिर से शुरू हो गई है और संचार व्यवस्था भी दुरुस्त की जा चुकी है, लेकिन जरूरत की दूसरी चीजें जैसे पीने का पानी, डिब्बाबंद खाना और दूध अब भी बाजारों में उपलब्ध नहीं है।
इस बीच, हजारों लोग अब भी काठमांडू छोड़ने के लिए प्रयासरत हैं, क्योंकि क्षेत्र में और भी भूकंप आने की आशंका जताई गई है।
सरकार ने लोगों को घाटी से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए कई संगठनों के साथ मिलकर 500 निशुल्क बसों की व्यवस्था की है।
नेपाल सरकार ने एक बयान जारी कर कहा, “सरकार लोगों को काठमांडू से बाहर उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए निशुल्क यातायात परिवहन उपलबध कराएगी।”
नेपाल के अलग-अलग हिस्सों से आजीविका कमाने के लिए काठमांडू में आकर रहने वाले हजारों लोग राजधानी छोड़कर जा रहे हैं।
लोगों को डर है कि काठमांडू में फिर से बड़ा भूकंप आ सकता है।
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