अगरतला, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। सड़क परिवहन विधेयक के खिलाफ देशभर में यूनियनों द्वारा बुलाई गई 24 घंटे की हड़ताल के कारण त्रिपुरा में भी सार्वजनिक परिवहन के सभी वाहन सड़क पर नहीं उतरे।
यात्रियों तथा दफ्तर जा रहे लोगों को बसों, छोटे तथा मध्यम वाहनों, ऑटो-रिक्शा और बैटरी से चलने वाले रिक्शा के सड़क पर नहीं उतरने के कारण असुविधा का सामना करने पड़ा।
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) की कार्य समिति के सदस्य तापस दत्ता ने आईएएनएस को बताया, “हड़ताल का व्यापक असर हुआ है। राज्य में कहीं भी अप्रिय घटना घटित नहीं हुई है।”
परिवहन कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए परिवहन विधेयक के खिलाफ पूरे त्रिपुरा में विरोधस्वरूप रैली आयोजित की है।
विभिन्न कर्मचारी संघ और पेशेवर संगठनों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।
देशभर में सीटू, आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस और भारतीय मजदूर संघ ने सड़क परिवहन तथा सुरक्षा विधेयक, 2014 के खिलाफ 24 घंटे के हड़ताल का आह्वान किया है।
कुछ राज्यों को यह संदेह है कि प्रस्तावित विधेयक उनकी वित्तीय, विधायी और प्रशासनिक शक्तियों का अतिक्रमण कर लेगा।
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