वाशिंगटन, 2 मई (आईएएनएस)। दुनिया भर में लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए संयुक्त राष्ट्र फाउंडेशन की ओर से चलाया जा रहा ‘गर्ल अप’ अभियान भारत में किशोरियों के अधिकारों की रक्षा के लिए धन जुटाने के अपने प्रयासों का विस्तार कर रहा है।
इस नए कार्यक्रम ‘गर्ल अप’ की शुरुआत लगभग पांच साल पहले हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत के राजस्थान में किशोरियों की मदद करना है।
मीडिया में जारी बयान के मुताबिक, धन जुटाने के इस अभियान से युनाइटेड नेशन्स पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) को मदद मिलेगी, और इसके जरिए वे प्रतिवर्ष राजस्थान की 7,500 लड़कियों के अधिकारों की सुरक्षा कर पाएंगे। उनकी शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी और बाल विवाह और कम उम्र में गर्भवती होने से उन्हें रोका जा सकेगा।
‘गर्ल अप’ की निदेशक मेलिसा हिलब्रेनर के मुताबिक, “हम निरंतर दूरवर्ती स्थानों पर रह रहीं लड़कियों के जीवन में सुधार की दिशा में काम करते रहेंगे। मैं उत्सुक हूं कि ‘गर्ल अप’ अभियान भारत तक पहुंच गया है।”
विश्व में भारत तेजी से बढ़ रही युवा आबादी है, जिसमें से एक-चौथाई आबादी किशोरियों की है।
परिवार में लड़कों की तुलना में लड़कियों की स्वास्थ्य देखरेख और शिक्षा पर कम ध्यान दिया जाता है और उन्हें अवसर भी कम दिए जाते हैं। उन्हें जबरन स्कूल से निकालकर शादी कर दी जाती है और ये कम उम्र में ही मां बन जाती हैं।
इस नई पहल के लिए ‘गर्ल अप’ राजस्थान में किशोरियों के लिए यूएनएफपीए की मदद करेगा।
इस कार्यक्रम के तहत किशोरियों के अधिकारों को सुरक्षित करने और वयस्क होने पर शादी और सही समय पर बच्चे पैदा करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके तहत लड़कियों और महिलाओं को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मुद्दों पर शिक्षित भी किया जाएगा और उन्हें सार्वजनिक सेवाओं के प्रति अधिक जागरूक बनाया जाएगा।
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