काठमांडू, 3 मई (आईएएनएस)। नेपाल में 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप में अपने भयावह अनुभव को याद करते हुए सुधा उपाध्याय का कहना है कि उस वक्त मुझे ऐसा लगा कि दीवारें पास आ रही हैं और मैं इनके बीच दबकर मर जाऊंगी।
काठमांडू, 3 मई (आईएएनएस)। नेपाल में 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप में अपने भयावह अनुभव को याद करते हुए सुधा उपाध्याय का कहना है कि उस वक्त मुझे ऐसा लगा कि दीवारें पास आ रही हैं और मैं इनके बीच दबकर मर जाऊंगी।
उपाध्याय (54) ने आईएएनएस को बताया कि जब भूकंप आया, वह टेलीविजन देख रही थीं। अचानक, टीवी पर एक संदेश प्रसारित हुआ। अब मुझे लगता है कि वह संदेश एक चेतावनी थी।
उन्होंने कहा कि चंद सेकंड के भीतर ही उनका घर हिलने लगा। सुधा ने 1974 में बनी हॉलीवुड फिल्म ‘अर्थक्वेक’ से इस भूकंप की तुलना करते हुए कहा, “ठीक जिस तरह से फिल्मों में दिखाया जाता है, घर हिलने लगा। मैं मुश्किल से ही दरवाजे तक पहुंच पाई और दरवाजे को मजबूती से पकड़कर मंत्र पढ़ने लगी। मुझे लगा बस अब सब कुछ खत्म है।”
नेपाल में 25 अप्रैल को विनाशकारी भूकंप आया था, जिसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7.9 थी। इसमें 6,500 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और 14,000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला के मुताबिक, भूकंप में मरने वालों की संख्या 10,000 तक जा सकती है।
उपाध्याय अपने पति और सास के साथ ज्ञानेश्वर में रहती हैं, जो घनी आबादी वाला पॉश इलाका है। उपाध्याय की सास दमयंती (81) ने आईएएनएस को बताया, “मैं सो रही थी कि अचानक से बिस्तर तेजी से हिलने लगा। मैंने जैसे-तैसे कर एक कुर्सी पकड़ी और उसे पकड़कर बैठ गई।”
भूकंप के झटकों से घबराकर सुधा व उनका पूरा परिवार और उनके पड़ोसी बाहर भागे और कई घंटों तक वहीं रहे। सुधा के पति फणींद्र उपाध्याय (60), पोखरा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं और जिस समय भूकंप आया, वह एक कार्यशाला का संचालन कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “भूकंप की वजह से दीवारें हिलने की वजह से वह और उनके विद्यार्थी कक्षाओं से बाहर भागे। मैं डेढ़ घंटे बाद ही सुधा से बात कर पाया। मेरी कार जमीन से दो फुट ऊपर उछल रही थी। मैंने ऐसा कुछ पहले कभी नहीं देखा था।”
परिवार ईश्वर का शुक्रगुजार है कि वह इस भूकंप से बच गया, लेकिन उनकी संवेदना भूकंप में मारे गए लोगों के प्रति हैं।
ज्यादार नेपाली लोगों की यह कहानी है। नेपाल में 1934 में इस तरह का बड़ा भूकंप आया था।
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