गया (बिहार), 4 मई (आईएएनएस)। तथागत गौतम बुद्ध की ज्ञानस्थली बिहार के बोधगया में महात्मा बुद्घ की 2559 जयंती मनाई गई। इस मौके पर सोमवार को प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसमें देश-विदेश के बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं ने हिस्सा लिया।
बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा आयोजित विशेष पूजा को लेकर महाबोधि मंदिर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। भगवान बुद्ध की जयंती के मौके पर बोधिवृक्ष के नीचे विशेष प्रार्थना सभा का भी आयोजन कया गया।
महाबोधि मंदिर में आयोजित विशेष पूजा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए।
इसके पूर्व महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा रविवार को विश्व शांति के लिए प्रागबोधि से बोधगया तक शांति धर्म यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ से गूंजता रहा।
धम्मयात्रा का नेतृत्व कर रहे सोसाइटी प्रभारी भंते बी़ मेंदाकर थेरो ने कहा कि आज विश्व में फैले तनाव, द्वेष, हिंसा पर काबू बुद्ध के उपदेश के अनुसरण से ही संभव है। इस मौके पर महाबोधि मंदिर और जयश्री महाबोधि विहार को रंगीन बल्बों और फ्लैश लाइटों से सजाया गया है।
बुद्ध जयंती और बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर रविवार की शाम हजारों की संख्या में मोमबत्तियां जलाई गईं। मान्यता है कि बोधिवृक्ष के नीचे ध्यानमग्न भगवान बुद्ध को ज्ञानप्राप्त हुआ था। बुद्ध पूर्णिमा वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। यह बौद्ध धर्म में आस्था रखने वालों का प्रमुख त्योहार है।
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