नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। संविधान (122वां संशोधन) विधेयक-2014 के तहत प्रस्तावित अखिल भारतीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं :
– इसमें उत्पाद शुल्क, प्रतिकारी शुल्क और सेवा कर जैसे केंद्रीय कर और मूल्यवर्धित कर, ऑक्ट्रॉय और प्रवेश शुल्क तथा लग्जरी कर जैसे राज्यों के अप्रत्यक्ष कर समाहित हो जाएंगे।
– अंतिम उपभोक्ता सिर्फ आपूर्ति श्रंखला के आखिरी डीलर द्वारा लगाए गए जीएसटी का ही भुगतान करेंगे।
– राज्यों को संबल प्रदान करने के लिहाज से पेट्रोलियम उत्पादों, मानव खपत वाले शराब और तंबाकू को जीएसटी के प्रभाव क्षेत्र से बाहर रखा गया है।
– इसमें सिर्फ दो घटक होंगे- केंद्र द्वारा लिया जाने वाला केंद्रीय जीएसटी और राज्यों द्वारा लिया जाने वाला राज्य जीएसटी।
– हालांकि एक राज्य से दूसरे राज्य की सीमा में होने वाले व्यापार पर सिर्फ केंद्र ही जीएसटी ले सकता है। वसूले गए कर केंद्र और राज्यों के बीच जीएसटी परिषद की सिफारिश से संसद द्वारा निर्धारित तरीके से विभाजित किए जाएंगे।
– जीएसटी परिषद में केंद्रीय वित्त मंत्री अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा इसमें केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री तथा प्रत्येक राज्य के वित्त मंत्री शामिल होंगे।
– वस्तुओं के एक से अधिक राज्यों में होने वाले व्यापार पर एक फीसदी अतिरिक्त कर होगा। यह केंद्र सरकार द्वारा लगाया और वसूला जाएगा। इसका उपयोग दो साल तक या जीएसटी परिषद द्वारा सिफारिश की गई अवधि तक राज्यों को जीएसटी लागू करने से होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति में किया जाएगा।
dharmpath.com dharmpath