बंगाल : पटाखे के कारखाने में विस्फोट, 11 की मौत (लीड-1)

कोलकाता, 7 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में एक पटाखे के कारखाने में विस्फोट हो जाने से 11 लोगों की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए। यह जानकारी पुलिस ने गुरुवार को दी। इधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने घटना की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है।

विस्फोट पश्चिमी मिदनापुर जिले के पिंग्ला में बुधवार रात हुई।

पुलिस अधीक्षक भारती घोष ने आईएएनएस को बताया, “पटाखे के कारखाने में विस्फोट होने से 11 लोगों की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए। घायलों की हालत नाजुक है, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।”

कारखाने का मालिक राजन मैती को गिरप्तार कर लिया गया है।

खड़गपुर के उप-मंडलीय पुलिस अधिकारी संतोष मंडल ने बताया, “हमने मैती को गिरफ्तार किया है। हमें यह शिकायत मिली है कि कारखाना अवैध था और इसका इस्तेमाल बम बनाने के लिए किया जा रहा है। हम सभी पक्षों पर ध्यान दे रहे हैं।”

ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस सरकार को राज्य में आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ने का जिम्मेदार बताते हुए भाजपा ने घटना की एनआईए से जांच कराए जाने की मांग की है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा कि एनआईए से जांच अनिवार्य है।

सिन्हा ने कहा, “हमने देखा है कि सरकार ने कैसे बर्दवान विस्फोट मामले में सच को दबाने की कोशिश की है। हम सभी जानते हैं कि पुलिस मामले को सुलझाने में कभी कुछ नहीं करेगी, इसलिए हम घटना की एनआईए से जांच कराए जाने की मांग करते हैं।”

सामिक भट्टाचार्या नीत भाजपा का प्रतिनिधि मंडल इलाके का दौरा करने वाला है।

भट्टाचार्या ने कहा, “घटना में गिरफ्तार किए गए मैती तृणमूल के ताकतवर नेता हैं। हमें शक है कि इस घटना को कारखाने में हुए विस्फोट के रूप में दिखाया जा सकता है, जो कि वास्तव में नहीं है। इसलिए जरूरी है कि एनआईए कदम उठाए।”

कांग्रेस नेता अब्दुल मन्नान ने भी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर राज्य में आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है।

स्थानीय निवासी हालांकि, यह दावा कर रहे हैं कि हताहतों की संख्या ज्यादा हो सकती है, क्योंकि कारखाने का इस्तेमाल बम बनाने के लिए होता था।

स्थानीय निवासी ने बताया, “विस्फोट बहुत तेज था और इससे आसपास के घर में भी कंपन हुआ और दरारें भी आ गईं। मैती एक अपराधी है और अपने कारखाने का इस्तेमाल बम बनाने के लिए करता था। कारखाने में अभी भी शव पड़े हुए हैं। कई और लोग मारे गए हैं। इसमें 30 से अधिक लोग काम करते थे और अधिकांश लापता हैं।”

कुछ अन्य पुलिस पर अकर्मण्यता का आरोप लगा रहे हैं।

एक निवासी ने कहा, “हम पुलिस से अवैध कारखाने को लेकर शिकायत करते रहे हैं और कार्रवाई की मांग की है। लेकिन उन्होंने कभी ध्यान नहीं दिया। अगर पुलिस कार्रवाई करती, कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।”

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