नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को कहा कि उनके लिए मास्को में द्वितीय विश्वयुद्ध के समापन के 70वें साल पर आयोजित स्मृति उत्सव में शामिल होना सम्मान की बात होगी। राष्ट्रपति पांच दिवसीय दौरे पर रूस के लिए रवाना हो गए।
आईटीएआर टास समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में राष्ट्रपति ने कहा, “रूसी जवानों की भूमिका ने द्वितीय विश्वयुद्ध की दिशा, इसके परिणाम और विश्व के भविष्य को बदल दिया था।”
मुखर्जी ने कहा कि उनके लिए द्वितीय विश्वयुद्ध के स्मरणोत्सव का हिस्सा बनना सम्मान की बात होगी, जिसने नाजीवाद और फासीवाद पर रूस की जीत के महत्वपूर्ण योगदान को पहचान दी है।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि भारतीय सेना की टुकड़ी रूसी विजय दिवस परेड का पहली बार हिस्सा बनेगी।
मुखर्जी ने कहा, “हम युद्ध के दौरान मारे गए लाखों लोगों को हार्दिक सम्मान के साथ याद करते हैं। युद्ध में हजारों भारतीय जवानों ने भी बलिदान दिया था।”
राष्ट्रपति ने कहा कि नौ मई का स्मरणोत्सव लोगों को याद दिलाएगा कि सभी देशों को आम लोगों के साझा लाभ की दिशा में शांति से काम करने और युद्ध की सीख को न भूलने की जरूरत है।
दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन में रूस तथा इसके नेतृत्व के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कई बार मुलाकात की है।
मुखर्जी ने कहा कि पिछले दिसंबर में पुतिन की भारत यात्रा में उन्होंने उनकी मेजबानी की थी।
राष्ट्रपति ने कहा, “हमने दोनों देशों के बीच संबंध को मजबूती देने वाले पहलों पर चर्चा की थी। मुझे उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच साझा हित के लिए इस मसले तथा अंतर्राष्ट्रीय विकास के मसले पर चर्चा जारी रहेगी।”
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